टीम एबीएन, बड़कागांव (हजारीबाग)। प्रखंड के गोंदलपुरा कोल ब्लॉक की अधिग्रहण को लेकर सामाजिक समाधान निर्धारण अध्ययन एसआईए हेतु 12 अक्टूबर को गाली गांव में आयोजित ग्राम सभा स्थल के डेढ़ किलोमीटर पहले ही ग्रामीणों ने सड़कों पर पर बैठे मौन विरोध के बाद पदाधिकारी वापस लौट गये। हालांकि मौके पर मौजूद नाबार्ड पदाधिकारी प्रणय कुमार, अडानी जीएम डी दुबे, कार्यपालक पदाधिकारी सह दंडाधिकारी नवीन भूषण कुल्लू, कानूनगो सुनील कुमार सिंह आदि ने बारी-बारी से ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। कहा कि आप लोगों ने सितंबर 2021 से मार्च 2022 के बीच होने वाले सामाजिक अंकेक्षण के दौरान सहयोग कर सभी ने सर्वे कराया।साथ ही अपने छूटी हुई बात को पूरा करने के लिए टेलीफोन का भी सहारा लिया और हमें सहयोग किया। ठीक उसी तरह आप लोग अपनी बात को हम लोगों के समक्ष रखें क्योंकि अभी आपका भूमि अधिकरण नहीं होगा। नियम के तहत पहले यधियाचना होगी, पुनर्वास नीति बनेगी, उसके बाद जनसुनवाई होगा तब अधिग्रहण का कार्य किया जाएगा । इस बीच आप अपनी बातों को मौखिक एवं लिखित हम लोगों तक पहुंचाएं ताकि उस पर विचार कर आप लोगों के हित में कार्य किया जा सके। लेकिन ग्रामीणों का मौन धरना के कारण कोई भी व्यक्ति नियम के विरुद्ध मौन तोड़ना नहीं चाहा और विरोध में तख्तियां लेकर सड़क पर ही बैठे रहे।यहा तक कि जब पत्रकारों ने ग्रामीणों से कुछ जानकारी लेना चाहा तो मौन विरोध के नियमों का उल्लंघन ना कर कुछ भी बताने से इनकार किया तथा इशारा इशारे में बताया कि हम लोगों की मांग तख्तियों में अंकित है। क्या है तख्तियों में लिखी हुई मांगें : अदानी कंपनी द्वारा आयोजित गाली की ग्राम सभा रद्द करो, अदानी कंपनी वापस जाओ, हमारा गांव में हमारा राज, खेती हमें खिलाता है खदान हमें खाता है, जल जंगल जमीन हमारा है, अदानी कंपनी के दलालों होश में आओ, किसानों एवं ग्रामीणों को विस्थापन करना बंद करो, विकास के नाम पर प्रकृति को बर्बाद करना बंद करो आदि।
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