टीम एबीएन, कोडरमा। आंगनबाड़ी केंद्रों में पहले से कार्यरत पोषण सखी, जिन्हें इसी वर्ष अप्रैल से काम से हटा दिया गया है। अपनी नौकरी वापसी के लिए 21 नवंबर को राजभवन मार्च आयोजित करेगी। यह निर्णय ब्लॉक रोड के तालाब पार्क में पोषण सखी समन्वय समिति (सीटू) की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गायत्री पासवान और संचालन जिला सचिव जरीना खातून ने किया। बैठक को सम्बोधित करते हुए मजदूर नेता और सीटू के राज्य पदाधिकारी संजय पासवान ने कहा कि झारखंड के छह जिलों मे आंगनबाड़ी मे कार्यरत 10388 पोषण सखी को केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा दिया जाने वाला फंड बंद कर दिए जाने के कारण एक झटके में अप्रैल में हेमन्त सोरेन सरकार ने हटा दिया। आज उनके सामने भूखमरी की स्थिति हो गई है। बच्चो के स्कूल फीस और दवाई के लिए लिए पैसे नहीं जूट रहे हैं। सड़क से न्यायालय तक लगातार संघर्ष कर रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। एक तरफ हेमंत सरकार सरकार आपके द्वार कार्यक्रम कर रही है, रोज रिक्तियां भरने की बात कर रही है, दूसरी तरफ दस हजार पोषण सखी अपनी रोजगार वापसी के लिए दर दर भटक रही है। हेमंत सोरेन सरकार को तुरन्त इस पर विचार करना चाहिए। सरकार ने पारा शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका सहायिका और राज्य के सरकारी कर्मचारियों की मांगें पूरा की है, जो सराहनीय कदम है। इसलिए इन 10 हजार महिलाओं पर दया करते हुए इन्हें पुन: नौकरी पर रखा जाय। बैठक में अंजुम प्रवीण, शाहिना प्रवीण, मोनिका ठाकुर, निशा भारती, रेशमी देवी, मुन्नी दास, रेखा कुमारी, रिंकी देवी, मुन्नी देवी, वीणा देवी, रेखा कुमारी, कुमारी प्रतीमा, ललिता देवी, जेबा प्रवीण, सुभद्रा कुमारी, प्रीति कुमारी, अणु कुमारी व विनीता यादव मौजूद थीं।
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