एबीएन सेंट्रल डेस्क। अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के तीन अर्थशास्त्रियों को देने की घोषणा की गई है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी आॅफ साइंसेज ने बेन एस बर्नानके, डगलस डब्ल्यू डायमंड और फिलिप एच डायबविग को अर्थशास्त्र के लिए इस साल नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया है। ये पुरस्कार बैंकों और वित्तीय संकटों पर रिसर्च के लिए दिया गया है। अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार को अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में स्वेरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार कहा जाता है। स्टॉकहोम में रॉयल स्वीडिश अकेडमी आॅफ साइंसेज में नोबेल समिति ने सोमवार को बेन एस बर्नान्के, डगलस डब्ल्यू डायमंड और फिलिप एच डायबविग को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की। इस पुरस्कार के तहत एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 9 लाख अमेरिकी डॉलर) का नकद पुरस्कार दिया जाता है। पुरस्कार 10 दिसंबर को दिया जायेगा। अन्य नोबेल पुरस्कारों के विपरीत, अर्थशास्त्र के पुरस्कार का उल्लेख अल्फ्रेड नोबेल की 1895 की वसीयत में नहीं था, बल्कि यह पुरस्कार की शुरुआत उनकी स्मृति में स्वीडिश केंद्रीय बैंक ने की थी। पहला विजेता 1969 में चुना गया था। पिछले साल अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार डेविड कार्ड और जोशुआ एंग्रिस्ट और गुइडो इंबेन्स को दिया गया था। कार्ड को यह पुरस्कार न्यूनतम मजदूरी, आप्रवासन और शिक्षा कैसे श्रम बाजार को प्रभावित करते हैं, इस संबंध में शोध के लिए दिया गया था। एंग्रिस्ट और इंबेन्स को पुरस्कार उन विषयों पर अध्ययन के लिए दिया गया, जो पारंपरिक वैज्ञानिक तरीकों से स्पष्ट नहीं होते हैं। एक धनी स्वीडिश उद्योगपति और डाइनामाइट के आविष्कारक सर एल्फ्रेड नोबेल की वसीहत के आधार पर चिकित्सा, भौतिकी, रसायन शास्त्र, साहित्य और शांति क्षेत्र के नोबेल पुरस्कारों की स्थापना की गई थी। पहला नोबेल पुरस्कार वर्ष 1901 में सर एल्फ्रेड नोबेल के निधन के पांच साल बाद दिया गया था। अर्थशास्त्र का नोबेल, जिसे आधिकारिक तौर पर बैंक आॅफ स्वीडन प्राइज इन इकोनॉमिक साइंसेज इन मेमोरी आॅफ एल्फ्रेड नोबेल नाम से जाना जाता है, उसकी स्थापना एल्फ्रेड नोबेल की वसीहत के आधार पर नहीं हुई थी, बल्कि स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने इसकी शुरुआत की थी।
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