एबीएन सोशल डेस्क। ओडिशा में श्री जगन्नाथ मंदिर सहित तीन देवालयों के सौंदर्यीकरण को मंजूरी मिल गई है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय समारक प्राधिकरण (एनएमए) ने पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर, भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर और कोणार्क के सूर्य मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए ओडिशा सरकार को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। हालांकि, यह मंजूरी कुछ बदलाव के साथ की गई है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि एनओसी मिलने के साथ ही 12वीं सदी के पुरी मंदिर के नजदीक स्वागत केंद्र के पास निर्माण कार्य को लेकर उपजा विवाद समाप्त हो गया है, लेकिन नए निर्माणों को पहले वाले स्थल से थोड़ी दूर ले जाना होगा। श्री जगन्नाथ मंदिर स्वागत केंद्र निषिद्ध की जगह अब विनियमित क्षेत्र में बनेगा। सौंदर्यीकरण परियोजना से जगन्नाथ मंदिर को क्षति पहुंचने का दावा करते हुए गड़बड़ियों के खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में मामले दायर किए थे। पुरी के कलेक्टर समर्थ वर्मा ने कहा कि हेरिटेज कॉरिडोर के लिए एनएमए से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल गया है। काम फिर तेजी से शुरू होगा। एनएमए संस्कृति मंत्रालय के तहत काम करता है। निषिद्ध और विनियमित क्षेत्रों में निर्माण संबंधी गतिविधि के लिए आवेदकों को अनुमति देने पर विचार करना इसकी जिम्मेदारियों में शामिल है।
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