टीम एबीएन, रांची। एक अच्छा शिक्षक बच्चों का उत्साह बढ़ाता है और उन्हें इस तरह से प्रेरित करता है कि वे आगे चलकर समाज के सफल नागरिक बनते हैं। प्रस्तुत बातें डॉक्टर जंग बहादुर पांडेय ने डीएवी कपिलदेव में आज शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहीं। श्री पांडेय ने कहा कि शिक्षकों में अनेक गुण होने चाहिए। जिनमें विनय शीलता और नमस्कार करने का गुण शामिल है। प्रोफेसर पांडेय ने महर्षि मार्कंडेय, कालिदास, तुलसीदास के उदाहरणों के माध्यम से विनय शीलता का महत्व बतलाया। वे आज शिक्षकों को विशेष रूप से संबोधित कर रहे थे। रांची विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष और अवकाश प्राप्त प्रोफेसर डॉक्टर पांडेय ने इस अवसर पर संस्कृत के कई श्लोक और तुलसीदास जी के रामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से शिक्षकों को आज के परिवेश के लिए तैयार होने को कहा। इससे पहले विद्यालय के प्राचार्य एमके सिन्हा ने डॉक्टर पांडेय का स्वागत किया और उन्हें एक विभूति बताया । प्राचार्य श्री सिन्हा ने महेंद्र सिंह धोनी से विषम परिस्थितियों में अपने आप को संभालने, अपनी आत्मा को सुनने, टीम को सदा साथ लेकर चलने, हर्ष और विषाद में एक समान रूप बनाए रहने जैसे गुण सीखने की भी शिक्षकों को सलाह दी। व्याख्यान के अंत में डॉक्टर पांडेय को विद्यालय की ओर से एक स्मृति चिह्न तथा शॉल भी प्रदान किया गया। मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद थे। व्याख्यान लगभग दो घंटे तक चला। उक्त जानकारी डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल कडरू रांची के मीडिया प्रभारी आलोक इंद्रगुरु ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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