टीम एबीएन, गुमला। जिले में मुखिया सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के सभी मुखिया को शिक्षा के क्षेत्र में लोक भागीदारी और उनकी भूमिका के तहत जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन किया। मुखिया सम्मेलन का उद्घाटन करते उपायुक्त गुमला सुशांत गौरव ने सम्मेलन को संबोधित किया। सुशांत गौरव ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा को बेहतर बनाने में मुखिया एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका है। गांव में सरकारी विद्यालय हो या मॉडल स्कूल, कस्तूरबा विद्यालय हो या फिर अन्य आवासीय विद्यालय शिक्षा विभाग और पंचायत प्रतिनिधि मिलकर कार्य करें। तभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में सफल होंगे। डीसी ने कहा कि सभी मुखिया के 5 साल के कार्यकाल में किये गये अच्छे कामों से 5 पीढ़ियों तक को इसका फायदा मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय में लगातार बच्चे आने कम कर दें या फिर बच्चों की संख्या में कमी आ रही है तो उसकी जांच अवश्य करें। बच्चों के मां बाप से संपर्क स्थापित करें और कारणों का पता लगायें। उन्होंने कहा कि इसपर ध्यान देना आवश्यक है कि कहीं किसी बच्चे की बाल तस्करी नहीं हो रही है। इसके अलावा परिजनों या फिर किसी अन्य के द्वारा बाल मजदूरी नहीं करवाई जा रही हो। बच्चे नियमित रूप में विद्यालय आ रहे हैं, उन क्षेत्र के मुखियाओं को जांच के पश्चात जिला स्तर से पुरस्कृत कर सम्मानित किया जायेगा। सम्मेलन में लोक भागीदारी, शिक्षा की आवश्यकता, नई शिक्षा नीति, एनईआर, जीईआर, पंचायत जनप्रतिनिधियों का कार्य एवं दायित्व, विद्यालय में बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन एवं ठहराव, शून्य ड्रॉप आउट, विद्यालय विकास में सहयोग समेत अन्य बातों पर चर्चा की गई। इस दौरान मुखियाओं के द्वारा गुणवत्ता शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय स्तर पर सुधार हेतु परिचर्चा और सुझाव भी दिये गये।
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