टीम एबीएन, रांची। सेप्सिस एक ऐसी बीमारी है जो लोगों में मौत का एक बड़ा कारण है।डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया में होने वाली मौत के 5 बड़े कारणों में एक सेप्सिस भी प्रमुख है। डब्ल्यूएचओ ने स्पेसिस से होने वाली मौत को लेकर आगाह भी किया है। दरअसल सेप्सिस या सेप्टीसीमिया एक ऐसी बीमारी है जो जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। यह तब होता है, जब किसी अन्य संक्रमण के बैक्टीरिया रक्त में प्रवेश करते हैं और पूरे शरीर में फैल जाते हैं। सेप्सिस के बारे में लोगों को अवेयर करने के लिए प्रतिवर्ष 13 सितंबर को विश्व सेप्सिस दिवस मनाया जाता है। मेदांता रांची में इसी मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उसे फीस के बारे में विभिन्न प्रकार की जानकारी दी। डॉक्टरों का कहना था कि सब सिस्टम होता है जब किसी को पहले से ही कोई संक्रमण होता है यह मनुष्य के त्वचा फेफड़े मूत्र पथ या कहीं और पूरे शरीर में एक्शन रिएक्शन को ट्रिगर करता है। सेप्सिस किसी को भी हो सकता है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ज्यादा जोखिम में रहते हैं। इनमें 65 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के व्यस्क, डायबिटिक, जिनको फेफड़े की बीमारी है वो ज्यादा जोखिम में रहते हैं। इसके अलावा कैंसर और गुर्दे की बीमारी वाले भी जोखिम में रहते हैं। इस मौके पर की नोट देने वाले डॉक्टरों में डॉक्टर काशिफ जमाल ने विशेष जानकारी दी जबकि डॉ मनोज कुमार ने सर्वाइविंग सेप्सिस 2021 गाइडलाइन के बारे में विस्तार से बताया। इस ओपन हाउस सेशन में डॉ अमित कुमार, डॉ आनंद झा, डॉ देव दत्ता, डॉ नीलेश मिश्रा, डॉ नसीम अख्तर, डॉ अजीत के अलावा विश्वजीत कुमार और अंशिका भी उपस्थित थे।
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