एबीएन सेंट्रल डेस्क। हिंदी उन भाषाओं में शुमार है जो दुनिया में सबसे ज्यादा बोली और समझी जाती हैं। महात्मा गांधी ने कहा था कि हिंदी जनमानस की भाषा है और इसे देश की राष्ट्रभाषा बनाने की सिफारिश भी की थी। हिंदी को 14 सितंबर 1949 को राजभाषा का दर्जा दिया गया, लिहाज़ा इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इंटरनेट पर लगातार बढ़ रहे हिंदी भाषियों की वजह से हर ब्रांड के लिए हिंदी का प्रयोग जरूरी बनता जा रहा है। दरअसल, वर्तमान में हर प्रोडक्ट की ब्रांडिंग सबसे पहले और सबसे ज्यादा इंटरनेट पर ही होती है और यहां हिंदी भाषियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, गूगल सर्च इंजन की एक रिपोर्ट में इसकी पुष्टि करती है, इसमें कहा गया है कि इंटरनेट पर हिंदी सामग्री पढ़ने वालों की संख्या प्रतिवर्ष 94% बढ़ रही है, जबकि अंग्रेजी में सामग्री पढ़ने वालों की संख्या में 17% गिरावट हो रही है, एक आंकड़े के मुताबिक दुनियाभर में तकरीबन 20 करोड़ लोग ऐसे हैं जो इंटरनेट पर हिंदी प्रयोग कर रहे हैं। इसके अलावा विश्व आर्थिक मंच की गणना के मुताबिक भी विश्व की 10 शक्तिशाली भाषाओं में हिंदी को शामिल किया गया है। फ्लिपकार्ट-अमेजन सबकी जरूरत हिंदी : वैश्विक कंपनियां और ई-कॉमर्स कंपनियां अब एशिया में अपनी व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ा रही हैं, लोगों तक उनकी पहुंच का सबसे बड़ा माध्यम हिंदी ही बन रही है, इसके अलावा भी विश्व के 132 देशों में बसे भारतीय मूल के तकरीबन दो करोड़ लोग हिंदी में अपने कार्य निष्पादित करते हैं, ऐसे में अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, ओएलएक्स, क्विकर व दुनिया की अन्य ईकॉमर्स कंपनियां हिंदी भाषी ग्राहकों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए हिंदी को अपना रही हैं, इसके अलावा सोशल मीडिया, मसलन फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब भी हिंदी को अपना रहे हैं।
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