टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष राम कुमार सिन्हा ने आज पुरानी पेंशन बहाली योजना लागू होने पर माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को झारखंड मंत्रालय में कार्यक्रम आयोजित कर अभिनंदन किया। गौर करने वाली बात यह है झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के स्वयंभू अध्यक्ष है। यह अध्यक्ष कैसे बने इसके लिए आम सभा की बैठक कब आहूत हुई कब सर्वसम्मति से या मतदान से यह अध्यक्ष बने यह कोई नहीं जानता। दूसरी बात जहां तक झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के अधिकारियों के हक एवं लड़ाई लड़ने की बात है उसमें भी यह कभी भी आगे नहीं रहे। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने को लेकर झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के द्वारा कभी भी सरकार को कोई ज्ञापन नहीं सौंपा गया नहीं। इस संबंध में कोई धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया; क्योंकि झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ की कमान जिन अधिकारियों के हाथ में है। वे लोग झारखंड बनने से पूर्व से ही अधिकारी हैं और पुरानी पेंशन योजना में आते हैं। लेकिन जब सरकार ने पुरानी पेंशन लागू कर दिया, जिसमें झारखंड बनने के बाद नियुक्त हुए झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी इस पेंशन का लाभ मिलेगा तो बैठे-बिठाए सत्ता के करीब आने का मौका कैसे छोड़ सकते हैं। स्वयंभू अध्यक्ष महोदय ने आनन-फानन में कार्यक्रम आयोजित कर श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान रांची एवं अन्य जिलों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों को बुलाकर माननीय मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों जो झारखंड बनने के बाद नियुक्त हुए थे। वे दबी जुबान से बोलते हैं कि एक स्वयंभू अध्यक्ष झारखंड प्रशासनिक सेवा के नाम पर अपनी कुर्सी एवं अपनी रोटी सेक रहे हैं। प्रथम बैच के अधिकारियों ने अपर समाहर्ता रैंक में प्रोन्नति हेतु झारखंड उच्च न्यायालय का शरण लिया तब जाकर उन्हें प्रोन्नति मिली। परंतु अभी भी उन्हें अपर समाहर्ता के पद पर पदस्थापित नहीं किया गया है। इसी प्रकार तृतीय झारखंड लोक सेवा आयोग से नियुक्त अधिकारियों को प्रोन्नति झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश एवं लंबी लड़ाई के बाद प्रोन्नति प्राप्त होगी परंतु अभी तक उन्हें प्रोन्नति वाले पद पर पदस्थापित नहीं किया गया है। इसके लिए झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के वर्तमान स्वयंभू अध्यक्ष कब सरकार से मांग करेंगे झारखंड प्रशासनिक सेवा के लोग दबी जुबान से बोल रहे हैं। इसके अलावा झारखंड प्रशासनिक सेवा के सैकड़ों अधिकारियों पर मामूली आरोप लगाकर विभागीय कार्रवाई संचालित की जा रही है। उन अधिकारियों के बारे में जहां यह स्वयंभू अध्यक्ष पदस्थापित है। वहां भी सैकड़ों अधिकारियों विभागीय कार्रवाई का मामला लंबित है। इन मामलों का निष्पादन स्वयंभू अध्यक्ष महोदय क्यों नहीं कर रहे हैं? इसके अलावा झारखंड प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नति का मामला पिछले 3 वर्षों से अधिक समय से लंबित है। पिछले 3 वर्षों से झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नति नहीं मिली है। कितने अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी बनने की आस में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। परंतु स्वयंभू अध्यक्ष महोदय इस विषय पर कब सरकार के समक्ष बात रखेंगे?
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse