एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूक्रेन में पिछले 6 महीने से चल रहे युद्ध की वजह से अब रूसी हथियार भंडार खत्म होने के कगार पर पहुंच रहे हैं, लिहाजा अब रूस ने अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन उत्तर कोरिया से कई खतरनाक हथियार खरीदने का फैसला किया है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी रक्षा मंत्रालय यूक्रेन में चल रही लड़ाई के बीच उत्तर कोरिया से लाखों रॉकेट और तोपखाने के गोले खरीदने की प्रक्रिया में है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूक्रेन में पिछले 6 महीने से चल रहे युद्ध की वजह से अब रूसी हथियार भंडार खत्म होने के कगार पर पहुंच रहे हैं, लिहाजा अब रूस ने अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन उत्तर कोरिया से कई खतरनाक हथियार खरीदने का फैसला किया है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी रक्षा मंत्रालय यूक्रेन में चल रही लड़ाई के बीच उत्तर कोरिया से लाखों रॉकेट और तोपखाने के गोले खरीदने की प्रक्रिया में है। व्हाइट हाउस ने पिछले हफ्ते कहा था कि यूक्रेन के साथ युद्ध में इस्तेमाल के लिए अगस्त में तेहरान से हासिल किये गये ईरानी-निर्मित ड्रोन के साथ रूस को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। रूस ने पिछले महीने ईरान निर्मित मोहजेर-6 और शहीद सीरिज के मानव रहित ड्रोन हथियारों की खरीददारी की थी, जिसको लेकर बाइडेन प्रशासन का मानना है कि यूक्रेन में उपयोग के लिए सैकड़ों ईरानी यूएवी हासिल करने की रूसी योजना का हिस्सा है। आपको बता दें कि, पिछले महीने उत्तर कोरिया ने कहा था, कि रूस ने उसे दोस्ती को मजबूत बनाने का ऑफर दिया है, जिसमें सैन्य संबंध स्थापित करने की भी बात कही गई है और रूस पहले भी कई बार उत्तर कोरिया का समर्थन कर चुका है और यूनाइटेड नेशंस में उसका बचाव कर चुका है। वहीं, उत्तर कोरिया ने भी यूक्रेन युद्ध के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया था और रूसी आक्रमण को लेकर अमेरिका की निंदा की थी। वहीं, रिपोर्ट ये भी है कि उत्तर कोरिया ने रूस में श्रमिक कार्यों के लिए अपने लोगों को भेजने को लेकर भी रूचि दिखाई थी। पिछले महीने उत्तर कोरियाई न्यूज एजेंसी केसीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने किम जोंग उन को जो चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कहा गया था कि अगर रूस और उत्तर कोरिया के बीच संबंधों का विस्तार होता है, तो ये दोनों देशों के लिए हितकारी होगा और कोरियाई प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर एशियाई क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। केसीएनएन के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति के पत्र के जवाब में किम जोंग उन ने भी पुतिन को एक पत्र भेजा था, जिसमें कहा गया है कि द्वितीय विश्व युद्ध में जापान पर जीत के साथ रूसी-उत्तर कोरियाई दोस्ती फर्जी थी, जिसने कोरियाई प्रायद्वीप पर कब्जा कर लिया गया था। लेकिन अब किम जोंग ने पत्र में कहा है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और सामरिक सहयोग, समर्थन और एकजुटता एक नए स्तर पर पहुंच गई है, जो शत्रुतापूर्ण सैन्य बलों से खतरों और उकसावे को नाकाम करने के उनके सामान्य प्रयास हैं। हालांकि, केसीएनए ने शत्रुतापूर्ण ताकतों के नाम नहीं बताये थे, लेकिन उत्तर कोरिया अमेरिका के लिए ही ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करता है।
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