टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची समेत झारखंड में 36 घंटे से हो रही लगातार बारिश ने राजधानी समेत पूरे प्रदेश में तबाही मचाई। बारिश से लगभग सभी नदियां उफान पर हैं। इस दौरान डॉक्टर और बैंकर्स समेत सात लोग सैलाब में बह गए। इनमें पांच रांची के हैं। इनमें से दो लोगों का शव बरामद कर लिया गया है। दो लोग गुमला में भी बहे हैं। वहीं पश्चिमी सिंहभूम में दीवार गिरने से दो की। तेज हवा के कारण रांची में डेढ़ दर्जन समेत राज्य में 150 से अधिक घर जमींदोज हो गए। सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। अकेले दर्जनों पेड़ रांची में गिरे, जिससे यातायात पर प्रतिकूल असर पड़ा। बारिश के कारण राज्य की अधिकांश नदियों में उफान है। चांडिल डैम के सात रेडियल गेट एक-एक मीटर खोल दिए गए हैं। इससे जमशेदपुर के निचले इलाकों में पानी फैल गया है। इसे देख इन इलाकों को खाली करने की मुनादी कराई गई है। खरकाई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से छह मीटर ऊपर बह रहा है। पानी के बढ़ते दबाव के कारण तेनुघाट डैम के तीन मेन गेट खोल दिए गए हैं। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक चाईबासा में 191.6 मिमी बारिश हुई। रामगढ़ में 142.2 व जमशेदपुर में 137.2 मिमी बारिश हुई। राज्य में एक जून से अब तक 494.3 मिमी बारिश हुई जबकि बीते 24 घंटों में 58.0 मिमी वर्षा हुई। बारिश के कारण कोयला उत्पादन पर खासा असर पड़ा है। खलारी, पिपरवार समेत धनबाद इलाके में कोयले का उत्पादन 50 फीसदी तक गिर गया। भारी बारिश और तेज हवा के कारण कई जगह बिजली के पोल और पेड़ गिर गए। इस कारण लगभग पूरे राज्य में 10 से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। रांची शहर में 12 घंटे से ज्यादा तक बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली नहीं रहने के कारण आमलोगों को बारिश में भी पानी के लिए तरसना पड़ा।
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