कोरोना के बाद मंकीपॉक्स को मात देने के लिए स्वदेशी वैक्सीन की तैयारी में जुटीं सीरम समेत कई कंपनियां

 

एबीएन हेल्थ डेस्क। कोरोना महामारी के बाद देश इन दिनों मंकीपॉक्स के संकट का सामना कर रहा है। राज्यों में लगातार संक्रमण के मामले बढ़ते हुए दिखाई दे रहे है। बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार भी अलर्ट हो गई है। इसी बीच भारत ने अपना स्वदेशी मंकीपॉक्स टीका बनाने के लिए लगभग पूरी तरह से तैयार है। निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के टीका निर्माताओं सहित कई कंपनियों ने टीके तैयार करने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के साथ साझेदारी करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया जैसी कुछ कंपनियां टीका तैयार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ गठजोड़ करने के विकल्पों का आकलन भी कर रही हैं। एसआईआई के सूत्रों का कहना है कि कुछ टीके बनाने के लिए एमआरएनए टीके की तकनीक वाली अमेरिका की कंपनी ग्रीन लाइट बायोसाइंसेज के साथ करार किया है। हम उनके साथ मिलकर मंकीपॉक्स टीके पर भी कुछ करने पर विचार कर रहे हैं। यह एक ऐसी तकनीक है जिसके लिए अभी कुछ समय लगेगा। सूत्र ने कहा कि एसआईआई मंकीपॉक्स टीके बनाने के लिए अपने विकल्पों का आकलन कर रही है। इस बीमारी से पहले ही 90 से अधिक देशों में वैश्विक स्तर पर 38,000 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। चिंता का विषय यह है कि 85 से अधिक देशों ने 2022 से पहले कभी भी मंकीपॉक्स के प्रयोगशाला में पुष्ट मामलों की सूचना नहीं दी थी और यह बीमारी ज्यादातर अफ्रीका के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर देखी गई थी। दरअसल, सीरम ने इस साल मार्च में ग्रीनलाइट के साथ तीन एमआरएनए उत्पाद डिजाइन करने के लिए करार किया है। जिसमें दाद खुजली के लिए भी टीका शामिल है। एसआईआई के पास दो अतिरिक्त टीके या इलाज के लक्ष्यों में विस्तार का विकल्प है। इस बीच भारत में एसआईआई उन कंपनियों में से एक है जिसने मंकीपॉक्स टीका बनाने के लिए आईसीएमआर के साथ सहयोग करने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि कंपनी ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की। आईसीएमआर का राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पुणे पहले ही मंकीपॉक्स वायरस स्ट्रेन को अलग-थलग करने में सफल रहा है। जैसा कि उसने सार्स.सीओवी .2 महामारी के समय किया था। हैदराबाद की इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स और मुंबई की हाफकिन रिसर्च इंस्टीट्यूट जैसी सरकारी क्षेत्र की कंपनियां भी मंकीपॉक्स टीका बनाने की होड़ में जुट गई हैं। सूत्रों से संकेत मिलता है कि रूस के टीके स्पूतनिक वी कोविड-19 टीके के लिए भारतीय भागीदार कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज भी मैदान में है। कंपनियां केंद्र सरकार के संदेश का कर रही है इंतजार : कई उद्योग सूत्रों ने संकेत दिया कि कंपनियां अब केंद्र से यह संदेश मिलने का इंतजार कर रही हैं कि चीजों को कैसे आगे बढ़ाया जाए। आईसीएमआर ने अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है कि वह किस कंपनी के साथ साझेदारी करेगा और अब अभिरुचि पत्र की जांच कर रहा है। यह साझेदार कंपनी से 5 प्रतिशत रॉयल्टी लेगा जबकि टीका बनाने वाली कंपनी क्लिनिकल परीक्षण करने के साथ ही टीका बनाने और इसके कारोबार के लिए जिम्मेदार होगी।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse