टीम एबीएन, कोडरमा। राजस्थान के जालौर जिले में शिक्षक की पिटाई से दलित छात्र की मृत्यु पर कड़ा रोष प्रकट करते हुए दलित शोषण मुक्ति मंच (डीएसएमएम) के बैनर तले इंद्र मेघवाल को न्याय देने की मांग पर परियोजना बालिका विद्यालय के नजदीक अंबेडकर पार्क के समक्ष धरना दिया गया और अंबेडकर पार्क से समाहरणालय तक प्रतिवाद मार्च निकालकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर हत्यारा शिक्षक छैल सिंह को कठोरतम सजा देने की मांग किया। ज्ञात हो कि जालौर जिले के सुराना गांव के सरस्वती विद्या मन्दिर के नौ साल का छात्र इंदर मेघावल ने प्यास लगने पर उच्च जाति के शिक्षकों के लिए रखे गए मटके से पानी पी लिया। इतनी बात से क्रोधित हो कर वहां के शिक्षक छैल सिंह ने इतनी बेरहमी से इंदर की पिटाई की उसकी मृत्यु हो गई। धरना स्थल पर डीएसएमएम के जिलाध्यक्ष दिनेश रविदास की अध्यक्षता में हुई सभा को सीटू नेता संजय पासवान, वामपंथी नेता असीम सरकार, प्रेम प्रकाश, सामाजिक कार्यकर्त्ता अशोक वर्मा, डीएसएमएम के जिला सचिव महेन्द्र तुरी, भीखारी तुरी, सेवानिवृत्त शिक्षक महाबीर पासवान, भीम आर्मी के राजेश रजक आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि दलित छात्र इन्द्र कुमार की हत्या मनुवादी मानसिकता का नतीजा है। आजादी के पचहत्तर वर्षों के बाद भी इस तरह की वीभत्स जातीय हिंसा इस बात का सबूत है कि हम अभी भी जातिगत उत्पीड़न एवं छुआछूत जैसे अमानवीय कृत्यों से आजाद नहीं हो पाए हैं। शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार का जातिगत उत्पीड़न इस ओर इशारा करता है कि वहां संविधान की समतावादी एवं मानवीय मूल्यों के बजाय मनुवाद की अमानवीय मान्यताओं को तवज्जो दी जा रही है। राजस्थान की यह निन्दनीय घटना रोहित वेमुला समेत अन्य दलित एवं वंचित समाज के विद्यार्थियों का शोषण और उनकी सांस्थानिक हत्या से जा जुड़ती है। दलितों और आदिवासियों के साथ सामान्य होता जा रहा उत्पीड़न आजादी के इस अमृत महोत्सव पर करारा तमाचा है। इसके साथ ही साथ यह हमें ये भी सोचने पर मजबूर करता है कि हम अपने महापुरुषों बाबा साहब अम्बेडकर, भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, नेहरू, गांधी के लोकतांत्रिक, प्रगतिशील, समतामूलक समाज बनाने के सपनों का भारत बनाने की दिशा में किस तरफ जा रहे हैं। डीएसएमएम दोषी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करती है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार का छुआछूत एवं जातिगत भेदभाव बंद हो इसके लिए सरकार ठोस कदम उठाए तथा दलित छात्र हत्या करने वाले आरएसएस द्वारा संचालित स्कूल सरस्वती शिशु मंदिर पर प्रतिबंध लगाए, साथ ही इंद्र मेघवाल के परिवार को 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाय। मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम भेजा गया। धरना सह प्रतिवाद मार्च में डालेश्वर राम, टेकलाल दास, शिवपुजन पासवान, राहुल कुमार, प्रकाश पण्डित, पंकज कुमार, मनोज दास, मुकेश कुमार, सुभाष पासी, सुरेन्द्र तुरी, रमेश पासी, मिठुन तुरी, आशीष तुरी, विशेश्वर तुरी, कोलेश्वर राम, बिंदवा देवी, कविता देवी, पुजा देवी, गायत्री देवी, मंजू देवी सहित दर्जनों लोग शामिल थे।
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