टीम एबीएन, रांची। रिम्स में गुरुवार के शाम 4 बजे से शुक्रवार की शाम 6 बजे तक इंटरनेट ठप रहा। करीब 26 घंटे ठप रहे इंटरनेट से 900 से अधिक मरीजों की जांच प्रभावित रही। इस दौरान ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इमरजेंसी में मरीजों की पर्ची काटने के लिए मोबाइल के नेट का सहारा लिया गया। ओपीडी में आने वाले मरीजों को हाथ से लिखकर पर्ची दी गई, जिसके बाद मरीजों को डॉक्टरों से परामर्श मिल सका। हालांकि किसी भी मरीजों की जांच रिम्स में नहीं हो सकी। जिससे बाहर से आने वाले मरीजों को परेशानी हुई। मरीजों को बिना जांच और रिपोर्ट के अंतिम परामर्श नहीं मिल सका, बिना दवा लिए ही मरीजों को निराश होकर वापस जाना पड़ा। इंटरनेट ठप रहने के कारण रिम्स के सेंट्रल लैब, मेडॉल सहित सभी जगह जांच पूरी तरह बंद रही। इंटरनेट बंद रहने से बिलिंग नहीं हो सकी। बिलिंग नहीं हो पाने से एक भी जांच नहीं हो पायी। वहीं पहले हो चुकी जांच की रिपोर्ट भी मरीजों को नहीं मिली। कई मरीज पिछले 2 दिनों से अपनी जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट नहीं मिल पाने से कई ऑपरेशन भी टल रहे हैं। पिछले 10 दिनों में तीन बार इंटरनेट सेवा प्रभावित रह चुकी है। हर बार चार-पांच घंटे तक लगातार इंटरनेट बंद रह रहा था। इस बार 26 घंटे तक इंटरनेट बंद रहा। ऐसे में बाहर से आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बता दें कि रिम्स में राज्य भर के मरीज अपना इलाज कराने पहुंचते हैं, सही से जांच नहीं होने या रिपोर्ट नहीं आने से या तो बाहर से आने वाले मरीजों को इंतजार करना पड़ता है या फिर उन्हें दोबारा तीन-चार घंटे का सफर कर रिम्स पहुंचना पड़ता है। रिम्स के पीआरओ ने कहा, रिम्स के स्तर से सब कुछ सही है। एनआईसी रिम्स को इंटरनेट सप्लाई करता है, वहीं से इंटरनेट बाधित रहा है। कोशिश की जा रही है कि आगे से परेशानी नहीं हो।
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