एबीएन सोशल डेस्क। आज सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी है जिसको लेकर बाबा धाम देवघर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। रविवार की रात 8 बजे से ही भक्त सोमवारी में जल अर्पण करने के लिए कतारबद्ध होना शुरू कर चुके थे। कांवरियों की कतार देवघर से 5 किलोमीटर दूर नंदन पहाड़ तक जा पहुंची है। कहा जाता है की शिव के शीर्ष पर चन्द्रमा और गंगा हैं, ऐसे में जो मस्तक पर विराजमान हो वो खास होता है। सोम चन्द्रमा को कहते हैं इसी कारण शिवभक्तों के लिए सोमवारी विशेष होता है। जल और बेलपत्र से बाबा भोले को जलार्पण करने से सभी मनोकामना की पूर्ति होती है। आज श्रावणी मेला की चौथी सोमवारी है और इस कारण देवघर में भक्तों का जन सैलाब सा दिख रहा है। पूरा शहर ही कांवरियों की भीड़ से पटा हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक आखिरी सोमवारी को तकरीबन 2 लाख से ज्यादा भक्त बाबाधाम में जल अर्पण करेंगे। इसको लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। कहा जाता है कि जगत कल्याण के लिए श्रावणी मास में समुद्र मंथन किया गया था और सोमवारी को एक विशेष वस्तु प्राप्त हुई थी। पहली सोमवारी को समुद्र मंथन से अचस्सरवा घोड़ा, दूसरी सोमवारी को एरावत हाथी प्राप्त हुआ था। तीसरी सोमवारी को कौस्तुभ मणि की प्राप्ति हुई थी और चोथे सोमवारी को लक्ष्मी की प्राप्ति हुई थी, ऐसे में आज का दिन धन अर्जित करने वाला होता है। आज शिव भक्त गंगा जल और बेल पत्र से शिव की अराधना और पूजा कर रहे हैं।
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