एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा से भड़का चीन, आक्रामक होता जा रहा है। उसने गुरुवार को ताइवान की घेराबंदी के लिए युद्धाभ्यास शुरू किया। इसके बाद खबर आई कि चीन ने पांच मिसाइलें दागीं, जो जापान के इईजेड में जाकर गिरीं। इसका जापान ने कड़ा विरोध जताया है। वहीं चीन के 22 विमानों ने एक बार फिर ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में प्रवेश किया। इन सबके बीच नैंसी पेलोसी जापान की राजधानी टोक्यो पहुंच गईं। रक्षा बजट के मामले में चीन दूसरे स्थान पर : चीन इस वक्त रक्षा बजट के मामले में अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है। इसके चलते दुनिया में युद्धक हथियारों के मामले में चीन काफी आगे है। चीन ने यूरोपीय देशों के राजदूतों को किया तलब : अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा से भड़के चीन ने अब यूरोपियन यूनियन में शामिल सात देशों के राजदूतों को तलब किया है। जानकारी के मुताबिक, चीन ने उनके साझा बयान का विरोध दर्ज कराया है। दरअसल, इन देशों की ओर से बयान में कहा गया था कि ताइवान की सीमा पर चीन का सैन्य अभ्यास गलत है और इसे तत्काल रोका जाना चाहिए। चीन का कहना है, यूरोपीय देशों का यह बयान हमारे आंतरिक मामलों में दखल है। चीन और ताइवान की जनसंख्या में कितना फर्क : चीन और ताइवान को बांटने वाली ताइवान की खाड़ी महज कुछ 100 किलोमीटर ही चौड़ी है। इस खाड़ी के जरिए ही चीन की 139 करोड़ लोगों की आबादी ताइवान की 2.36 करोड़ की आबादी से अलग रहती है। यानी अगर आबादी के अंतर को ही आधार बना लें तो ताइवान के एक व्यक्ति के मुकाबले चीन के पास 65 लोगों की ताकत है। चीन ने उड़ाए 100 फाइटर जेट : चीन और ताइवान के बीच तनातनी बढ़ती नजर आ रही है। गुरुवार को मिसाइल दागने के बाद अब खबर है कि चीन ने ताइवान की सीमा पर 100 फाइटर जेट उड़ाए। हालांकि, ताइवान ने भी पीछे हटने से इंकार कर दिया। इससे पहले खबर आई थी कि 22 चीनी विमान ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में भी घुस गए थे।
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