टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के चौथे दिन 4 महत्त्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए, जिन्हें सदन से स्वीकृति भी मिल गई। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण विधेयक पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक था, जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया। झारखंड गठन के लगभग 21 वर्ष बाद जनजातीय आबादी के आधार पर झारखंड में पहला जनजातीय विश्वविद्यालय बनने जा रहा है। बता दें कि पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक मंत्री मिथलेश ठाकुर ने पेश किया था। पूरे झारखंड का क्षेत्राधिकार समेटे यह विवि सभी वर्गों, जातियों और पंथों के लिए खुलेगा। यही व्यवस्था शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भी प्रभावी होगी। सरकार इसे पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर में बनवाएगी, ताकि झारखंड में आदिवासी आबादी को उच्च शिक्षा, अनुसंधान आदि सुविधाओं का लाभ दिया जा सके। मॉनसून सत्र के चौथे दिन झारखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2022 को भी सदन की स्वीकृति मिली। वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने इस विधेयक को पेश किया था। हालांकि झारखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2022 पर लंबोदर महतो ने पक्ष रखते हुए कहा कि बच्चों के दूध की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इसे प्रवर समिति को भेजा जाए। तब सरकार की ओर से मंत्री ने कहा कि इस पर राज्य कुछ भी नहीं कर सकता। दर का निर्धारण जीएसटी काउंसिल करती है। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों जगह से यह पास होता है। केंद्र द्वारा यह सभी राज्यों को भेजा जाता है, जिसे पास कराकर भेजना ही होता है। हमलोग कुछ नहीं कर सकते हैं। आजसू के विधायक लंबोदर महतो ने कहा कि आज 4 महत्त्वपूर्ण विधेयक सदन में बिना चर्चा के पास करा दिए गए जो राज्य हित में नहीं हैं। इससे पहले भी कई विधायक राजभवन से लौट आए। विधेयकों की जानकारी दिए बिना अचानक सदन में पेश करना, यह राज्य के यह सही नहीं है।
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