12 अगस्त से ट्रैक पर आयेगी तीसरी वंदे भारत ट्रेन

 

बीआइटी : विशेषज्ञों ने कार्यशाला में की डेटा एनालिटिक्स की तकनीकों पर चर्चा बीआईटी टीम एबीएन, रांची। 25 जुलाई 2022 को बिड़ला इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी, मेसरा में हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा एनालिटिक्स की तकनीकों और अनुप्रयोगों पर त्वरित विज्ञान योजना के तहत विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) प्रायोजित हाई-एंड कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। कार्यशाला में डॉ लोकेश के सिन्हा, पूर्व निदेशक, रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान ने 28 जुलाई 2022 को ‘हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग पर विशेष जोर के साथ रक्षा अनुप्रयोगों के लिए रिमोट सेंसिंग’ शीर्षक से एक सत्र दिया। टेरेन इंजीनियरिंग में हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा एनालिटिक्स के महत्व पर चर्चा की गई। तकनीकी प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया था जो वर्तमान युग में गेम चेंजर होगा। इस सत्र में कृषि निगरानी से लेकर डेटा साइंस दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए इलाके की खुफिया जानकारी तक के अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल थी। डेटा साइंस का उपयोग करके इलाके के मानचित्रण में हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा एनालिटिक्स के लिए वर्णक्रमीय पुस्तकालयों के निर्माण के महत्व पर चर्चा की गई। डॉ रबी नारायण साहू, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने भी 29 जुलाई 2022 को स्मार्ट कृषि के लिए इमेजिंग स्पेक्ट्रोस्कोपी शीर्षक से एक सत्र दिया। आत्मनिर्भर भारत प्राप्त करने के लिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा एनालिटिक्स के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई है। डिजिटल मृदा मानचित्रण के महत्व को बेहतरीन तरीके से समझाया गया है। डेटा विज्ञान और मृदा इंजीनियरिंग के बीच सहयोग के महत्व का पता लगाया गया है। हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके मिट्टी, पानी और हवा के लिए भविष्य की दृष्टि के एक बहुआयामी पहलू पर चर्चा की गई। +++++++++++++ किसान संगठित होंगे तभी राज्य संगठित होगा : अचल लातेहार किसान संघ टीम एबीएन, लातेहार/रांची। हेरहंज प्रखंड के मोहनपुर गांव के सामुदायिक भवन के प्रांगण व आंगनबाड़ी केंद्र में भारतीय किसान संघ की बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता राजेश सिंह ने की। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रांत संगठन मंत्री अचल एवं प्रांत के अध्यक्ष जय कुमार सिंह ने शिरकत की।बैठक में भारतीय किसान संघ की प्रखंड समिति का विस्तार को लेकर विशेष चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से अध्यक्ष विनय राम, मंत्री घनश्याम भोक्ता व कार्यकारिणी सदस्य संतोष यादव, रविंद्र राम, विरेन्द्र गंझू, महावीर गंझू, गंगेसर यादव, मनीता देवी, सविता देवी को बनाया गया।इसके साथ ही सभी सदस्यों को पच्चास सदस्य बनाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में प्रांत संगठन मंत्री अचल ने ग्राम समिति का विस्तार करते हुए कहा कि किसान संगठित होंगे तभी राज्य संगठित होगा। उन्होंने कहा कि किसानों का देवता भगवान बलराम हैं। हम सभी किसानों को भगवान बलराम की पूजा करनी चाहिए। उन्होंने सभी किसानों से 17 अगस्त को बलराम जयंती धूमधाम से मनाने की बात कही।प्रांत के अध्यक्ष जय कुमार सिंह ने कहा कि किसानों का मुख्य समस्या सुखाड़ एवं जमीन का सर्वे है। उन्होंने बताया कि 1979 में कोटा राजस्थान में भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय अधिवेशन का आयोजन कर किसानों के अखिल भारतीय संगठन की स्थापना किया गया था। आज देश के सभी प्रदेशों मे भारतीय किसान संगठन सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। किसानों को कृषि उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने हेतू राष्ट्रव्यापी आंदोलन एवं सरकार पर दबाव बनाकर कृषि मूल्य आयोग का स्थापना किया जा रहा है। इस दौरान किसानों के लाभकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। मंच का संचालन जिला मंत्री बबन मांझी ने किया। मौके पर अरुण सिंह, विरेन सिंह उपस्थित थे। +++++++++++++++ प्रकाश कुमार सिंह प्रचार प्रमुख सह महामंत्री भारतीय किसान संघ रांची। स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संगठक सतीश कुमार ने कहा कि बेरोजगारी भारत की सबसे बड़ी महामारी है। आज हम विश्व में हर क्षेत्र में आगे होते जा रहे हैं, लेकिन बेरोजगारी का निदान नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या हर परिवार की है। इसे ठीक से समझने की जरूरत है। देश के नीति निर्धारण करने वाले जो लोग हैं उन्हें भी इस बेरोजगारी की समस्या को ठीक से समझना होगा और समाधान ढूंढने का प्रयास करना। वैसे हम सभी काम सरकार पर छोड़ नहीं सकते। इसलिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठनों ने मिलकर स्वावलंबी भारत अभियान के तहत भारत को बेरोजगारी मुक्त व पूर्ण रोजगार युक्त बनाने के लिए अभियान चलाया है। बिहार व झारखंड में 22 संगठन कर रहे काम : इस अभियान में देश के वैसे कई संगठन लगे हैं जो स्वरोजगार देने के लिए काम कर रहे हैं। 12 जनवरी 2022 से प्रारंभ इस अभियान में देश में 22 संगठन अब तक जुड़ चुके हैं। झारखंड व बिहार में 12 संगठन इस काम में लगे हैं। संघ ने भी अपने प्रस्ताव में इस बात को रखा है कि कैसे भारत को बेरोजगारी मुक्त, स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाया जाए। वे शनिवार को रांची के जैन धर्मशाला में स्वावलंबी भारत अभियान योजना के तहत उत्तर पूर्व क्षेत्र, झारखंड व बिहार के कार्यकतार्ओं के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के उदघाटन के मौके पर अपनी बात रख रहे थे। भारत में अंग्रेजों ने लाई है बेरोजगारी की समस्या : सतीश कुमार ने कहा कि भारत में बेरोजगारी की समस्या तीन से चार सौ वर्ष पहले नहीं थी। यह अंग्रेजों द्वारा लाई गई समस्या है। अंग्रेजों ने अपने फायदे के लिए भारत में ग्राम आधारित उद्योग धंधे को समाप्त करने की कोशिश की। लोगों को नौकरी देने लगा। पूरी व्यवस्था को उन्होंने बदल कर रख दिया। आज कृषि को लोग हेय दृष्टि से देखते हैं और नौकरी को उत्तम मानते हैं जबकि पहले कृषि ही उत्तम मानी जाती थी और नौकरी को तीसरे स्थान पर रखा गया था। हमें फिर से उस व्यवस्था को अपना कर भारत को आत्मनिर्भर बनाना होगा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच इस अभियान को देख रहा है। अलग अलग क्षेत्र में अलग अलग संगठनों को संयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर पूर्व क्षेत्र में वनवासी कल्याण केंद्र को यह जिम्मेदारी दी गई है। नौकरी के प्रति मानसिकता बदलनी होगी : आलोक कुमार- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख आलोक कुमार ने कहा कि अंग्रेजों ने भारत के लघु व मध्यम उद्योग व्यवस्था को समाप्त कर दिया। अब हमें देश में फिर से जागरूकता लानी होगी। लोगों की नौकरी के प्रति मानसिकता बदलनी होगी। झारखंड के जनजाति समाज में भी अपार संभावनाएं हैं। लोग मेहनती वह हुनरमंद हैं। हमें उनके हुनर का लाभ लेना होगा। पर्यटन, मत्स्य पालन, बागवानी, कृषि के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इस काम में लगे सभी संगठन मिलकर प्रयास करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। सामूहिक प्रयास से सफलता मिलेगी: अतुल जोग - मौके पर वनवासी कल्याण केंद्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अतुल जोग ने इस अभियान की प्रासंगिकता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे और बेरोजगारी की समस्या से धीरे-धीरे छुटकारा दिलाएंगे। वही राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के क्षेत्रीय मुख्य महाप्रबंधक विनोद कुमार ने कहा कि इस अभियान में लगे संगठनों के साथ मिलकर काम करने में अच्छा लगेगा। उन्होंने ऋण लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। मंच स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अरुण ओझा, स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री कश्मीरी लाल व वनवासी कल्याण केंद्र की ललिता मुर्मू उपस्थित थीं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ये लोग भी थे मौजूद : कार्यक्रम में आरएसएस के प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा, सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल, वनवासी कल्याण केंद्र के कृपा प्रसाद सिंह, वनवासी कल्याण केंद्र के अखिल भारतीय ग्राम विकास प्रमुख बिंदेश्वर साहू, महानगर संघचालक पवन मंत्री, मेयर आशा लकड़ा, पूर्व क्षेत्र संघचालक सिद्धिनाथ सिंह, ओम प्रकाश अग्रवाल, सज्जन सर्राफ, क्षेत्र संगठन मंत्री हिरेंद्र सिन्हा, सचिन बरियार सहित वनवासी कल्याण केंद्र, ग्राहक पंचायत, सहकार भारती, भारतीय जनता पार्टी, विकास भारती, अखिल भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, स्वदेशी जागरण मंच आदि 12 संगठनों के झारखंड व बिहार के प्रमुख कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित थे। शिविर में की विशेष लोगों को भी आमंत्रित किया गया है। दो दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में सभी संगठन अपने कार्यों के अनुभव को साझा करेंगे और इस काम को कैसे गति दी जाए इस पर विचार विमर्श करेंगे। रविवार को इस प्रशिक्षण शिविर का समापन होगा। +++++++++++ धनबाद : पूजा के दौरान शिव मंदिर पर वज्रपात, 25 घायल टीम एबीएन, धनबाद। सावन की तीसरी सोमवार पर आज बड़ा घटना जिले में घटी है। वज्रपात की चपेट में आने से करीब 25 लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए जिले के रठटटउऌ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिलाओं के अलावे घायलों में बच्चे भी शामिल हैं। ज्यादातर घायल महिलाएं ही हैं। महिलाओं में पांच की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। दरअसल, बलियापुर थाना क्षेत्र के आमझर पंचायत के परघा में स्थित प्राचीन राजवाड़ी मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर महिलाएं पूजा के लिए पहुंची थी। तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली भी कड़क रही थी। इस दौरान आकाश में जोरदार आवाज के साथ शिव मंदिर परिषर में वज्रपात हुईं। मंदिर में पूजा कर रही महिलाएं और बच्चे वज्रपात की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद आसपास के लोग दौड़े भागे मंदिर पहुंचे। जमीन पर जख्मी अवस्था में पड़ी कुछ महिलाओं व बच्चों को बलियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहीं घायल कई लोगों को मौके से उठाकर अनान फानन में रठटटउऌ में भर्ती कराया गया है। जहां सभी का इलाज चल रहा है। जिनमें से पांच लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। +++++++++++++ एबीएन सेंट्रल डेस्क। कुछ इस तरह अंदर से दिखेगी वंदेभारत ट्रेन। कुछ इस तरह अंदर से दिखेगी वंदेभारत ट्रेन। आईसीएफ चेन्नई के सूत्रों के अनुसार 12 अगस्त से पहले ट्रेन सेट पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिससे 12 अगस्त को आईसीएफ से झंडी दिखाकर रवाना किया जा सके। ट्रेन में थोड़ा बहुत काम बचा है, जिसे समय पर पूरा कर लिया जायेगा। इसके बाद ट्रेन को ट्रैक पर उतार दिया जायेगा। ट्रेन लगभग फाइनल स्टेज में पहुंच गयी है : तीसरी वंदेभारत ट्रेन की ट्रैक पर आने की डेट लगभग फाइनल हो गयी है। आईसीएफ चेन्नई जहां पर ट्रेन का निर्माण हो रहा है, वहां पर ट्रेन को ट्रैक पर उतारने की प्लानिंग भी शुरू हो गयी है। ट्रेन लगभग फाइनल स्टेज में पहुंच गयी है, पूरी टीम ट्रेन को तय समय पर तैयार करने में जुटी है, जिससे 15 अगस्त से पहले झंडी दिखाकर रवाना किया जा सके। आईसीएफ चेन्नई के सूत्रों ने बताया कि 12 अगस्त से पहले ट्रेन सेट पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिससे 12 अगस्त को आईसीएफ से झंडी दिखाकर रवाना किया जा सके। ट्रेन में थोड़ा बहुत काम बचा है, जिसे समय पर पूरा कर लिया जायेगा। इसके बाद ट्रेन को ट्रैक पर उतार दिया जायेगा। आईसीएफ से बाहर आने के बाद इस ट्रेन का ट्रायल किया जायेगा। फिर सीआरएस क्लीयरेंस लेकर इसे चलाया जायेगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने पिछले साल 15 अगस्त को 75 वंदेभारत ट्रेनें चलाने की घोषणा की थी। इसी के तहत 15 अगस्त से पहले इन 75 ट्रेनों में से पहली ट्रेन को ट्रैक पर उतारने की शुरुआत की जा रही है। इसके बाद अगले एक साल तक 74 ट्रेनें और ट्रैक पर आ जाएंगी। प्रति माह आएंगी 6 से 7 ट्रेनें : रेलवे मंत्रालय के अनुसार तीसरी ट्रेन के निर्माण के बाद बची 74 वंदेभारत ट्रेनों का प्रोडक्टशन जल्दी जल्दी किया जाएगा। पहले शुरू के दो-तीन माह में प्रतिमाह दो से तीन वंदेभारत का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद प्रतिमाह प्रोडक्टशन बढ़ाकर 6 से 7 तक किया जाएगा। इस तरह अगले वर्ष तक 75 या इससे अधिक ट्रेनें तैयार कर ली जायेंगी। थोड़ा अलग होंगी नई वंदे भारत : रेलवे बोर्ड के अनुसार तकनीकी रूप में नई वंदेभारत एक्सप्रेस में बदलाव होंगे, लेकिन पैसेंजर की सुविधा के अनुसार सीटों में बदलाव किया जाएगा। मौजूदा वंदेभारत में सीट का पिछला हिस्सा ही मूव कर सकता है, जबकि आने वाले वाली ट्रेन सेट में पूरी सीट सुविधा अनुसार मूव कराई जा सकेगी। मौजूदा सीटों में सफर करने वाले पैसेंजरों को असुविधा होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए जा रहे हैं।

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