टीम एबीएन, रांची। डीएवी पब्लिक स्कूल्स, झारखण्ड ज़ोन-A, B एवं D के शिक्षकों के लिए आयोजित शिक्षक कौशल सम्वर्धन कार्यशाला का समापन आज 4 बजे हुआ। इस कार्यशाला में डीएवी के लगभग 30 विद्यालयों के 600 शिक्षकों ने भाग लिया।समापन समारोह में शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए एमके सिन्हा, सहायक क्षेत्रीय अधिकारी, डीएवी पब्लिक स्कूल्स झारखण्ड ज़ोन-B ने कहा कि ये दो-दिवसीय सम्वर्धन कार्यशाला आप सभी के लिए थी, जिसे आपने विषय विशेषज्ञों से टिप्स लेकर सफ़ल बनाया। विद्यालय में बच्चे जो ज्ञान शिक्षकों के माध्यम से पा लेते हैं, वह स्थाई ज्ञान होता है। इसलिए कक्षा में बच्चों के बीच ज्ञान को आरोपित न करें, बल्कि अंकुरित होने दें। हम बच्चों को परीक्षा में सफल होना नहीं बल्कि जीवन में भी सफल होना सिखाएं।क्योंकि डीएवी नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री सिन्हा ने कथा सम्राट मुन्शी प्रेमचंद की जयंती पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्त्व पर भी प्रकाश डाला। डॉ उर्मिला सिंह, सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डीएवी पब्लिक स्कूल्स, झारखण्ड ज़ोन-D ने कहा कि अज्ञानी होना गलत नहीं अज्ञानी बने रहना गलत है।अतः आप सभी नई तकनीक का प्रयोग करते हुए बच्चों को शिक्षित करें। मौके पर ओपी मिश्रा, सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डीएवी पब्लिक स्कूल्स झारखण्ड ज़ोन-A ने कहा कि बच्चों को आप अपना सर्वश्रेष्ठ दें, आपके पास भी सर्वश्रेष्ठ ही लौटकर आएगा। मौके पर प्रज्ञा सिंह, प्राचार्य डीएवी पब्लिक स्कूल, बिष्टुपुर, वीपी रॉय, प्राचार्य, डीएवी खलारी, अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य डीएवी, हज़ारीबाग, टीपी झा, प्राचार्य डीएवी खूंटी, अनुज कुमार मिश्रा, प्राचार्य डीएवी सिल्ली आदि उपस्थित थे।
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