एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रीलंका में आर्थिक संकट काफी ज्यादा गहराया हुआ है और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे मे देश की संसद को बता दिया है, कि अब श्रीलंका दिवालिया हो चुका है। वहीं, प्रदर्शनकारियों के राष्ट्रपति भवन में घुसने के बाद राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे फरार हो चुके हैं और वो मालदीव जा चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जुलाई को श्रीलंका के नये राष्ट्रपति का चुनाव किया जाएगा, जबकि साजिथ प्रेमदासा को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। वहीं, श्रीलंका के पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने भी अपने पद छोड़ने के फैसले की घोषणा कर चुके हैं। लेकिन, सात दशकों के इतिहास में अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट से निपटने के लिए 2 करोड़ 20 लाख की आबादी वाले इस द्वीप देश के भविष्य पर सवाल बने हुए हैं। श्रीलंका की सभी राजनीतिक पार्टियों ने एकजुट होकर सरकार बनाने का फैसला किया है और वो फैसला कितना कारगर होता है, वो आने वाला वक्त ही बताएगा। श्रीलंका की सत्तारूढ़ पार्टी के कई प्रमुख सदस्य प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को अपने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन देने के इच्छुक हैं, हालांकि अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है, सत्तारूढ़ पार्टी के एक शीर्ष सूत्र ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को इसकी जानकारी दी है। सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सदस्यों ने मंगलवार शाम को प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी, जहां प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने "भारी सहमति" ने राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की जगह लेने पर सहमति जता दी है। श्रीलंका में प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता शानुका करुणारत्ने ने कहा है कि श्रीलंका में तत्काल प्रभाव से एक द्वीपव्यापी आपातकाल की घोषणा की गई है। वही राजधानी कोलंबो में कर्फ्यू भी लगा दिया गया है।
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