राज्य के हर प्रखंड में खोलें एग्री मार्ट : डॉ मनीष रंजन, ग्रामीण विकास सचिव

 

टीम एबीएन, रांची। डॉ मनीष रंजन, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, ने किसान उत्पादक संगठन की महिला किसानों द्वारा बेमिसाल 100 करोड़ के कारोबार के लक्ष्य को हासिल करने पर बधाई दी। इस उपलब्धि को ‘साइलेंट क्रांति’ बताते हुए उन्होंने महिलाओं को यही न रुकते हुए आने वाले वर्षो में कारोबार को 200 और फिर 500 करोड़ तक पहुचानें का लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पोटेंशियल नए बाजार, नेटवर्किंग, ढऊर डीलरशिप और कस्टमर डिमांड की समझ रखते हुए बिजनस को आगे बढाने के लिए सुझाव दिए। वे आज प्रोजेक्ट भवन सभागार में झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) द्वारा जोहार परियोजना के अंतर्गत किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के प्रगति, अधिगम एवं समन्वय पर राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे। पारंपरिक खेती, पोल्ट्री, मछली पालन को वरीयता देने पर जोर : डॉ मनीष रंजन ने किसानों को पारंपरिक खेती के अलावा पोल्ट्री, मछली पालन आदि को वरीयता देने पर जोर दिया। इसके अलावा सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभिसरण कार्यक्रमों को किसानों तक पहुंचाना, प्रत्येक प्रखंड में एग्री मार्ट खोलना और कस्टम हायरिंग सेंटर को बड़े स्तर पर ले जाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा नए तकनीक जैसे मौसम पूवार्नुमान, मिट्टी की जांच को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने के साथ ही पैकेजिंग-प्राइसिंग पर खास ध्यान देकर कारोबार को नया आयाम देने की बात कही। उत्पादक संगठन की सफलता को नया आयाम देने के लिए क्लस्टर एप्रोच के रूप में आगे बढ़ना होगा : सूरज कुमार, सीईओ जेएसएलपीएस - कार्यशाला को संबोधित करते हुए सूरज कुमार, सीईओ, जेएसएलपीएस ने राज्य के 17 जिलों से आए किसान उत्पादक संगठनों के सदस्यों को 100 करोड़ का कारोबार पर बधाई देते हुए, उनके क्षमतावर्धन, उत्पादों की मार्केटिंग आदि पर सुझाव दिए। सीईओ जेएसएलपीएस ने सफल किसान उत्पादक संगठनों को क्लस्टर एप्रोच के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा 10,000 किसान उत्पादक संगठनों के गठन के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने पर अपने विचार साझा किए। इस मौके पर सीईओ खरछढर ने कोविड काल में समूह की महिलाओं द्वारा किए गए कार्यों की प्रसंशा करते हुए उन्हें आय बढ़ोतरी के लिए पारंपरिक खेती के अलावा पशुपालन, मछलीपालन, वनोपज जैसे कार्यो को भी अपनाने के लिए प्रेरित किया। जोहार परियोजना अंतर्गत 20 उत्पादक संगठनों ने पूरा किया 100 करोड़ का कारोबार : जोहार परियोजना अंतर्गत गठित 20 उत्पादक संगठनों ने अबतक 100 करोड़ का कारोबार किया है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित इन उत्पादक संगठनों द्वारा किसानों को कृषि यंत्र , कृषि सामग्रियों की खरीद-बिक्री एवं अन्य कृषि संबंधी सेवाएं दी जा रही है। जोहार परियोजना अंतर्गत 20 उत्पादक संगठनों ने हाल ही में 100 करोड़ का कारोबार कर नई मिसाल कायम किया है। एफपीओ को इस सफलता के लिए मोमेंटो और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान एफपीओ से जुडी महिलाओं ने अपने अनुभव एवं चुनौतियों को साझा किया। राज्य भर में उत्पादक संगठनों द्वारा 27 एग्री मार्ट का संचालन किया जा रहा है, जिसके जरिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले कृषि सामग्री जैसे खाद, बीज इत्यादि उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुपालन को बढ़ावा देने हेतु उत्पादक संगठनों द्वारा 19 पशुधन सेवा केंद्र का भी संचालन किया जा रहा है। परियोजना क्षेत्र में 138 ई-कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए किसानों को उचित दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे है। कार्यशाला में उप निदेशक- कृषि विभाग, वर्ल्ड बैंक प्रतिनिधि, डीजीएम नाबार्ड, जेआरईडीए के प्रतिनिधि, एजीएम जेआरजीबी, सीनियर मैनेजर बीओआई, प्रोजेक्ट डायरेक्टर- जोहार परियोजना एवं विभिन्न जिलों से उत्पादक समूह की माहिलाएं उपस्थित रहीं।

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