टीम एबीएन, रांची। झारखंड बिजली वितरण निगम में कनीय अभियंता (जेई) और सहायक अभियंता (एई) के रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे। इन पदों पर 60 प्रतिशत से अधिक रिक्तियां हैं। जानकारी के अनुसार जेई के लगभग 900 स्वीकृत पदों में से लगभग 650 रिक्त हैं। इसी प्रकार एई के करीब 400 पदों में लगभग 350 खाली हैं। जेई और एई के करीब 1000 रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति होगी। सूत्रों के अनुसार झारखंड ऊर्जा विकास निगम में गुरुवार को हुई निदेशक मंडल की बैठक के दौरान रिक्त पदों पर राज्य सरकार की नियुक्ति नियमावली के तहत ही बहाली की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्णय हुआ। बैठक में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव सह विकास निगम के सीएमडी अविनाश कुमार, वित्त सचिव अजय कुमार व संचरण निगम के एमडी केके वर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। सूत्रों के अुनसार निदेशक मंडल की बैठक में छह से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बताया गया कि निदेशक मंडल की बैठक में यह चर्चा हुई कि उर्जा विकास निगम के सभी कंपनियों में नियुक्ति प्रक्रिया को तेज किया जायेगा। इसके लिए ऊर्जा विकास निगम अलग से नियुक्ति नियमावली नहीं बनाकर, राज्य सरकार की नियमावली को अपनाया जाएगा। यानी थर्ड और फोर्थ ग्रेड की नौकरियों के लिए आवेदकों का झारखंडी होना जरूरी होगा। साथ ही राज्य सरकार की नियुक्ति अनुमा नियमावली के आधार पर ही नियुक्त हुए लोगों को प्रोन्नति आदि का लाभ मिलेगा। बैठक में यह तय हुआ कि बिजली वितरण निगम लिमिटेड पर डीवीसी, एनटीपीसी व अन्य पावर कंपनियों का जो बकाया है उसे वह 48 किस्तों में चुकायेगा। इस तरह का प्रस्ताव केंद्र सरकार ने बनाया हुआ है, लेकिन यह तभी संभव होता जब राज्य की संबंधित बिजली कंपनियां इस प्रस्ताव को अपने निदेशक मंडल की बैठक से पास करा लें।
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