केंद्र बकाया दे देता, तो गरीबी का दंश नहीं झेलता झारखंड : हेमंत सोरेन

 

टीम एबीएन, धनबाद/ रांची। सीएम हेमंत सोरेन ने फिर एक बार केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि झारखंड का बकाया एक लाख 36 हजार करोड़ मिला होता तो लोग गरीबी का दंश झेलते नहीं। उन्होंने कहा कि हर वर्ग को ध्यान में रखकर सरकार विभिन्न योजनाएं बना रही हैं। योजनाओं का लाभ कैसे आपको मिले, इसके लिए लगातार कार्ययोजना बन रही है। हम कागज-कलम पर योजनाएं नहीं बनाते, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का काम करते हैं। श्री सोरेन सोमवार को धनबाद में योजनाओं का उदघाटन, शिलान्यास, लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौपने को लेकर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों का दु:ख-दर्द और समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कर रहे हैं मजबूत : उन्होंने कहा कि राज्य की 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण परिवेश की है। इनमें किसानों और पशुपालकों की संख्या सबसे ज्यादा है । इनकी आय में बढ़ोतरी के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। हमारा प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है ताकि राज्य को विकास की राह पर तेजी से आगे ले जा सके। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति को भी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। आपके दरवाजे पर आकर सरकार आपको हक और अधिकार दे रही है । नियुक्तियों का दौर शुरू : उन्होंने कहा कि राज्य में नियुक्तियों का दौर शुरू हो चुका है। खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 32 सालों के बाद कृषि पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई है जो किसानों को आधुनिक तकनीक से खेती करने में सहयोग करेंगे। वहीं स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 50 हजार रुपए से लेकर 25 लाख तक का अनुदान आधारित ऋण दिया जा रहा है। समारोह में सरकार की विभिन्न योजनाओं यूनिवर्सल पेंशन स्कीमए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजनाए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजनाए मुख्यमंत्री सुकन्या योजनाए फूलो-झानोआशीर्वाद योजना ए ग्रीन कार्ड योजना और सोना-सोबरन धोती साड़ी वितरण जैसी कई योजनाओं की जानकारी लोगों को दी और इससे जुड़ने को कहा। आंदोलनकारियों की धरती है झारखंड : उन्होंने कहा कि धनबाद की धरती आंदोलनकारियों और संघर्ष करने वालों की है । वे कई वर्षों से अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। इनकी समस्याओं का कैसे समाधान होए इस दिशा में सरकार पूरी तत्परता के साथ चिंतन .मंथन कर रही है और बहुत जल्द इसका सकारात्मक नतीजा देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि धनबाद अपनी खनिज संपदा के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है। लेकिन, यहां के मजदूर कई समस्याओं से घिरे रहे हैं । विस्थापन यहां की सबसे बड़ी चुनौती है। 106 योजनाओं की सौगात, 118 की आधारशिला : सीएम ने इस अवसर पर लगभग 350. 86 करोड़ रुपये की 118 योजनाओं का शिलान्यास और 161.28 करोड़ रुपये की 106 योजनाओं का उदघाटन किया। वही, कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षित 172 युवक- युवतियों समेत 175 नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने 20,146 लाभुकों के बीच करीब 97.45 करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण किया। इसमें महत्वपूर्ण रूप से 3665 लाभुकों के बीच 16.98 करोड़ रूपए का एमटीएस कोल्ड रूम, मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के अंतर्गत 194 लोगों को लगभग 5.18 करोड़ रुपए की सहायता राशि, 602 लोगों के बीच पीएमईजीपी, एजुकेशन केसीसी और हाउसिंग लोन के रूप में करीब 9.39 करोड़ रुपए, एनआरएलएम के अंतर्गत चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश निधि और कैश क्रेडिट लिंकेज के रूप में 5361 स्वयं सहायता समूहों 30.65 करोड़ रुपए, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के 3100 लाभुकों के बीच 37.20 करोड़ रूपए, प्रधानमंत्री आवास योजना शहर के 487 लाभुकों के बीच 10.95 करोड़ रूपए की राशि वितरित की गई । इसके अलावा लाभुकों को सोना सोबरन धोती साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री पशुधन योजना, यूनिवर्सल पेंशन स्कीम, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना और ग्रीन कार्ड समेत कई और योजनाओं का लाभ दिया गया। मौके पर मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक मथुरा प्रसाद महतो और पूर्णिमा नीरज सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, विधायक इंद्रजीत महथा की धर्मपत्नी तारा देवी और मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे के अलावा उपायुक्त एवं एसएसपी सहित जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे।

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