एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होगा। गुरुवार को इसकी घोषणा की गई है। बता दें कि संसद का मानसून सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। संसद का यह मानसून सत्र खास रहने वाला है क्योंकि 18 जुलाई को ही राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग है। मानसून सत्र में 18 जुलाई से 12 अगस्त के बीच कुल 17 कार्यदिवस पड़ रहे हैं। इस सत्र में सरकार कई विधेयकों को सदन में पेश कर सकती है। इनमें संसदीय समिति के समक्ष विचारार्थ भेजे गए 4 विधेयक शामिल हैं। संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार कई बिलों को पेश कर सकती है। संसद के मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस प्रवर्तन निदेशालय द्वारा राहुल गांधी से पूछताछ, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य अहम मुद्दों को लेकर सरकार को घेर सकती हैं। गौरतलब है कि हाल ही दिनों में नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी के समक्ष राहुल गांधी की पेशी को लेकर कांग्रेस ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। वैसे भी कांग्रेस नेता लगातार महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दें पर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब राहुल गांधी मोदी सरकार पर निशाना साधा हो। किसी न किसी चीज को लेकर कांग्रेस नेता लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करते हैं। मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में कई बिलों को पेश कर सकती है। बिजली (संशोधन) विधेयक, 2021 को जुलाई में शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। इस विधेयक में अन्य बातों के अलावा ग्राहकों को दूरसंचार सेवाओं प्रदाताओं की तरह विभिन्न बिजली सेवा प्रदाताओं में से चुनने का विकल्प उपलब्ध कराने का प्रावधान है। वहीं, संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है। बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक के आने के बाद सरकारी बैंकों के निजीकरण में रफ्तार आएगी। इसके अलावा संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार और कई बिलों को पेश कर सकती है।
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