टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच ने 26 जून से ‘मूव इंडिया’ अभियान के तहत नि:शुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविरों की शृंखला का आयोजन किया जा रहा है। पूरे झारखंड में 10 शिविर लगेंगे और इसके माध्यम से कृत्रिम पैर, कैलिपर्स और कृत्रिम हाथ दिये जायेंगे। पूरे प्रांत में लगभग 1500 कृत्रिम अंगों के वितरण का लक्ष्य है। कुल 10 शिविरों की शृंखला का पहला शिविर 26 से 29 जून तक गोविंदपुर जीटी रोड स्थित सेठ हरदेवराम स्मृति भवन में होगा। इसके बाद दूसरा शिविर धनबाद में 30 जून से 3 जुलाई तक लगेगा। शिविर में बिना किसी जाति, धर्म, भाषा, संप्रदाय और क्षेत्रीय भेदभाव के दिव्यांग लाभ ले सकते है। हालांकि उनको संबंधित शिविर क्षेत्र में अपना पूर्व पंजीकरण करवाना होगा। जर्मन तकनीक से बनेंगे कृत्रिम अंग : दिव्यांगों को दिये जाने वाले कृत्रिम अंगों को जर्मन तकनीक से बनाया जाता है, हालांकि कृत्रिम अंगों को हल्का बनाने में भारतीय शोध कारगर रही है। जर्मन तकनीक से बने कृत्रिम अंगों का वजन औसतन चार से साढ़े चार किलो होता है जबकि भारत में इस तकनीक से बने अंगों का वजन दो से ढाई किलो होता है। यहां लगेंगे शिविर : 26 से 29 जून, स्थान : सेठ हरदेवराम स्मृति भवन, जीटी रोड, गोविंदपुर संपर्क सूत्र 983519128, 30 जून से 3 जुलाई, स्थान : श्री अग्रसेन भवन, पुराना बाजार, धनबाद, संपर्क सूत्र 9334014224, 5 जुलाई से 8 जुलाई, स्थान रेड क्रॉस भवन, गिरीडीह, संपर्क सूत्र 7903150813, 10 जुलाई से 13 जुलाई, स्थान : श्री अग्रसेन भवन, दुमका, संपर्क सूत्र 9939160340, 15 जुलाई से 19 जुलाई रांची, संपर्क सूत्र : 8797942294, 21 जुलाई से 24 जुलाई, गुमला, संपर्क सूत्र 9973885858, 30 जुलाई से 3 अगस्त जमशेदपुर, चाकुलिया, संपर्क सूत्र 8757519639, 5 अगस्त से 8 अगस्त, चाईबासा संपर्क सूत्र 8084734747, 10 अगस्त से 13 अगस्त, जमशेदपुर, संपर्क सूत्र 8092030961 दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी मिलेंगे : इन शिविरों में आने वाले वैसे दिव्यांगों को (जिनके पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं है अथवा कोई संशोधन करवाना चाहते हैं) इसकी सुविधा उपलब्ध होगी। इस संबंध में मंच की शाखाएं संबंधित जिले के सिविल सर्जन से संपर्क कर रही है। दिव्यांगों को अपने आधार की मूल प्रति के साथ-साथ एक छाया प्रति और 2 नवीनतम पासपोर्ट आकार की फोटो लेकर आना होगा। 6 सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम आएगी : शिविर हेतु अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच के नेशनल मारवाड़ी फाउंडेशन द्वारा 6 विशेषज्ञों की टीम आएगी, जो शिविर के पहले दिन पंजीकृत लोगों की जांच करेगी और चयनित दिव्यांगों को दिए जाने वाले कृत्रिम अंगों का नाप लेगी फिर अगले दो दिनों में उसका निर्माण होगा और चौथे दिन उसका वितरण होगा। हर दर्द पराया अपना है : नंदलाल अग्रवाल झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच के प्रांतीय अध्यक्ष नंदलाल अग्रवाल ने बताया कि यद्यपि यह शिविर शृंखला ‘मूव इंडिया’ अभियान के तहत हो रही है लेकिन हकीकत यह है कि हमारे संगठन की बुनियादी सोच यही है कि किसी भी दर्दमंद का दर्द युवा मंच के संज्ञान में आने के बाद उसका नहीं रहता, बल्कि यह दर्द मंच परिवार का हो जाता है और इसे दूर करने के लिए संगठन सक्रिय होता है। श्री अग्रवाल ने बताया कि मंच द्वारा प्रदत कृत्रिम अंग (पैर) के सहारे व्यक्ति सायकिल चला सकता है, पहाड़ पर चढ़ सकता है और नृत्य भी कर सकता है। जबकि कृत्रिम हाथ के सहारे लगभग 4 किलो तक का वजन लगातार 6 घंटे तक उठाकर रख सकता है और 60 किलो की वस्तु को आराम से धक्का देकर उसका स्थान परिवर्तित कर सकता है। उपरोक्त जानकारी अमित शर्मा ने दीं। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच के अमित शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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