एबीएन बिजनेस डेस्क। फ्रांस की दिग्गज ऊर्जा कंपनी टोटाल एनर्जीज ने एक बार फिर अदाणी समूह की कंपनी में निवेश किया है। अदाणी समूह की हरित हाइड्रोजन तैयार करने की मुहिम में निवेश के साथ ही वह मुकेश अंबानी की हरित हाइड्रोजन योजना को टक्कर देगी। स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में अदाणी समूह ने बताया टोटाल एनर्जीज अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज (एएनआईएल) में अदाणी एंटरप्राइजेज से 25 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी और उसके साथ मिलकर हरित हाइड्रोजन का तंत्र तैयार करेगी। मगर कंपनी ने सौदे के मूल्य का खुलासा नहीं किया। अदाणी समूह की कंपनियों में टोटाल का यह चौथा निवेश है। एएनआईएल अगले 10 साल में हरित हाइड्रोजन और उससे जुड़े तंत्र में 50 अरब डॉलर (3.9 लाख करोड़ रुपये) निवेश करना चाहती है। शुरुआती चरण में वह 2030 से पहले 10 लाख टन सालाना हरित हाइड्रोजन उत्पादन की क्षमता तैयार करेगी। टोटाल और अदाणी समूह के बीच यह चौथी साझेदारी है। 2021 में उसने अदाणी ग्रीन एनर्जी में 20 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। 2019 में टोटाल ने अदाणी गैस में 37.4 फीसदी और समूह की धामरा एलएनजी परियोजना में 50 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। संयुक्त उपक्रम के तहत ये कंपिनयां 10 साल में धामरा एलएनजी सहित विभिन्न रीगैसिफिकेशन टर्मिनल और 1,500 सर्विस स्टेशन का रिटेल नेटवर्क खड़ा करेंगी। 2020 में टोटाल और अदाणी ने 2.3 गीगावाट सौर संपत्तियों के लिए 17,385 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य वाला संयुक्त उपक्रम बनाया था, जिसमें दोनों कंपनियों की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी है। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि कंपनी दुनिया की सबसे सस्ती हरित हाइड्रोजन विकसित करने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा, दुनिया की सबसे बड़ी हरित हाइड्रोजन कंपनी बनने के हमारे सफर में टोटाल एनर्जीज के साथ साझेदारी से शोध एवं विकास, बाजार शोध और वास्तविक ग्राहकों के बारे में समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे बाजार की मांग का भी पता लगाने में मदद मिलेगी। टोटाल एनर्जीज के चेयरमैन और मुख्य कार्याधिकारी पैट्रिक पॉयने ने कहा कि भविष्य में 10 लाख टन प्रतिवर्ष हरित हाइड्रोजन की उत्पादन क्षमता से फर्म को नए डीकार्बनाइज्ड मॉलिक्यूल की हिस्सेदारी बढ़ाकर कुल ऊर्जा उत्पादन और बिक्री की 25 फीसदी करने में मदद मिलेगी। अदाणी ने यह दावा तब किया है, जब मुकेश अंबानी हाल ही में घोषणा कर चुके हैं कि रिलायंस इंडस्ट्रीज एक दशक के अंदर हरित हाइड्रोज की लागत 1 डॉलर प्रति किलोग्राम तक ले आएगी। पिछले दो साल में इन दोनों अरबपति भारतीय उद्योगपतियों ने हरित हाइड्रोजन कारोबार में महत्त्वाकांक्षी निवेश योजनाओं की घोषणा की है। अदाणी ने 2020 में घोषणा की थी कि समूह अपने पूंजीगत व्यय का 70 फीसदी से अधिक स्वच्छ और ऊर्जा कुशल प्रणालियों में लगाएगा। जून 2021 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 75,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उतरने का ऐलान किया था। रिलायंस ने अपनी नई इकाई न्यू एनर्जी ऐंड न्यू मटीरियल्स के तहत सौर ऊर्जा उत्पादन और विनिर्माण, हाइड्रोजन उत्पादन, ई-ईंधन और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में निवेश की योजना बनाई है।
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