एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2024 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत गठबंधन को हराने का आह्वान किया और कहा कि भाजपा की नफरत और हिंसा की राजनीति की देश भर में नो एंट्री होगी (यानी कोई स्थान नहीं मिलेगा)। केंद्र की भाजपा नीत सरकार को मंगलवार को भ्रष्ट करार देते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी जैसे फैसलों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है और विपक्ष को चुप करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने नरेंद्र मोदी सरकार के आठ साल के कार्यकाल की आलोचना करते हुए कहा, मैं यह स्पष्ट कर दूं कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए नो एंट्री होगी। इसे (सरकार को) जाना है। भाजपा के सत्ता में लौटने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग यह सुनिश्चित करेंगे कि 2024 में भाजपा की नफरत और हिंसा की राजनीति को देश में कोई स्थान नहीं मिले। टीएमसी ने ट्वीट किया, पुरुलिया की मिट्टी और बंगाल की मिट्टी ने मुझे लोगों के लिए लड़ने की ताकत दी है। मैं किसी से नहीं डरती हूं, और जब लोगों का कल्याण सुनिश्चित करने की बात आती है, तो मैं अपनी पूरी ताकत से लड़ूंगी। भाजपा की नफरत और हिंसा की राजनीति की भारत में नो एंट्री होगी। बनर्जी ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत झूठे वादों के साथ की। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार ने आम लोगों की जिंदगी तबाह कर दी... केंद्र की जनविरोधी सरकार से देश के नागरिक तंग आ चुके हैं। उन्होंने पुरुलिया जिले में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्ट है। उन्होंने नोटबंदी जैसे विनाशकारी फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है। यह एक बड़ा घोटाला है। विपक्ष को खत्म करने के वास्ते केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने के लिए मोदी सरकार की आलोचना करते हुए, बनर्जी ने कहा कि सीबीआई और ईडी को पहले भाजपा के भ्रष्ट मंत्रियों को गिरफ्तार करना चाहिए। बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, वे (मोदी सरकार) विपक्ष को चुप कराने के लिए सीबीआई और ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल केवल (राजद नेता) लालू प्रसाद यादव और (आप नेता) सत्येंद्र जैन के खिलाफ किया जाना चाहिए? भाजपा के मंत्रियों का क्या? उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? इनको भी सलाखों के पीछे डालना चाहिए। दिल्ली सरकार में मंत्री जैन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के मामले में गिरफ्तार किया है। इसके एक दिन बाद बंगाल की मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी आई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने जैन की गिरफ्तारी को हिमाचल प्रदेश चुनाव से पहले राजनीति से प्रेरित बताया है। भाजपा के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए, टीएमसी सुप्रीमो ने कहा, वे (केंद्रीय एजेंसियां) कोयले की चोरी और मवेशी तस्करी घोटाले में लोगों को समन कर रहे हैं। लेकिन कोयला मंत्रालय तो केंद्र सरकार के अधीन है। उन्होंने पूछा, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से मवेशियों की तस्करी कैसे हो रही है? वे केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कई मामलों के संबंध में पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी सहित टीएमसी के कई नेताओं को तलब करने का हवाला दे रही थी। बनर्जी ने कहा कि राज्य को मनरेगा के तहत कोष का कथित रूप से भुगतान नहीं करने के लिए केंद्र के भेदभावकारी नीति के विरोध में राज्य के विभिन्न प्रखंडों में पांच और छह जून को टीएमसी विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, या तो केंद्र हमारा कोष जारी करे, या उसे इस्तीफा दे देना चाहिए। हम ऐसी भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। कभी वाम मोर्चे का गढ़ माने जाने वाले पुरुलिया में 2014 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने अपनी पैठ बनाई थी।
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