टीम एबीएन, लोहरदगा। आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर ग्रामीण कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शिमला (हिमाचल प्रदेश) में आयोजित गरीब किसान सम्मेलन के तहत जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ प्रधानमंत्री का संवाद और किसान सम्मान निधि हंस्तांतरण कार्यक्रम का ऑनलाइन माध्यम से राज्य में बीएयू द्वारा संचालित 16 कृषि विज्ञान केन्द्रों में किया गया। मौके पर शिमला से सीधा प्रसारित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभिभाषण को उपस्थित महिला एवं पुरूष किसानो को दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सभी किसानों को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थिीयों से सीधा संवाद किया और लाभों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के साथ आत्मनिर्भर भारत निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकारें किसानों की सेवा और उनके विकास के लिए बेबस होकर निरंतर कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रही है। तकनीकों के उपयोग से किसानों को शत प्रतिशत आर्थिक लाभ डिजिटल माध्यमों से मिलने लगा है। देश की सीमा सुरक्षित है और देश के किसानों को खाद्यान्न मामले में सुरक्षा का प्रयास अपेक्षित है। देश आधुनिक कृषि से आगे बढ़ रहा है, जरूरत स्थानीय उपज का अधिकाधिक विदेशों में निर्यात हों। आत्मनिर्भर भारत निर्माण की दिशा में किसानों को आगे बढ़ने की जरूरत है। मौके पर प्रधानमंत्री ने डिजिटल माध्यम से देश के 10 करोड़ से ज्यादा किसानों को 21 करोड़ रूपये से अधिक 11 वीं किस्त की राशि हस्तान्तरित की और किसानों के हित में चलायी जा रही सभी योजनाओं का भरपुर लाभ लेने का किसानों से अनुरोध किया। कृषि विज्ञान केंद्र, लोहरदगा ने जिला नगर भवन में गरीब किसान सम्मेलन का लाइव प्रसारण किया। मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सासंद लोहरदगा लोकसभा सुदर्शन भगत ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में स्थानीय सांसद ने भारत सरकार की विभिन्न 16 जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तृत से प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के कल्याण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारें संकल्पित है। किसानों की आय में बढ़ोतरी और उनके उत्थान के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। विभिन्न किसानोपयोगी योजनाओं से छोटे एवं मझोले किसानों को लाभ हो रहा है। उन्होंने जिले के किसानों से खेतों की मिट्टी की जांच, कृषि कार्य में केवीके वैज्ञानिकों से तकनीकी मार्गदर्शन तथा विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने को कहा। मौके पर विशिष्ट अतिथि बीएयू कुलपति डॉ ओंकार नाथ सिंह ने कहा कि देश तभी आगे बढ़ेगा, जब किसान आगे बढ़ेंगे और सुखी संपन्न होंगे। केंद्र एवं राज्य सरकार किसान हितों की रक्षा तथा किसानों के विकास की दिशा में तत्पर है। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर कृषि से बढ़िया लाभ लिया जा सकता है। किसानों के तकनीकी मार्गदर्शन के लिए जिले में केवीके वैज्ञानिक उपलब्ध है। किसान जागरूक हों और सरकार की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं। विशिष्ट अतिथि उपयुक्त लोहरदगा डॉ बागमारे प्रसाद कृष्णा ने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से किसानों को मिला है। जिले के कृषि कार्य में सिंचाई साधन की कमी सबसे बड़ी बाधा एवं समस्या है। किसानों को वर्षा जल का अधिकाधिक संचयन, स्थानीय तालाबों का गहरीकरण एवं उचित देखरेख आदि माध्यमों से भू जल स्तर में सुधार के प्रयास करने होंगे। उन्होंने किसानों को दैनिक कृषि कार्यों में छोटी – छोटी बातों पर विशेष ध्यान देने तथा लाभकारी तकनीकों से जिले को समृद्ध करने पर बल दिया। मंच का संचालन जिला कृषि पदाधिकारी शिव कुमार राम तथा धन्यवाद ज्ञापन केवीके प्रभारी डॉ हेमंत कुमार पांडेय ने की। मौके पर पूर्व विधायक रमेश उरांव, सांसद प्रतिनिधि चंद्रशेखर अग्रवाल, पदाधिकारियों में संजय त्रिवेदी, गीतांजलि, डॉ अनूप कुमार, बीएयू के डीएसडब्लू डॉ डीके शाही एवं डीन फॉरेस्ट्री डॉ एमएस मल्लिक, केवीके डॉ राकेश रंजन, डॉ सुषमा सरोज सुरिन, डॉ भारती एवं डॉ इलियास सहित जिले के 700 से अधिक महिला एवं पुरूष किसान मौजूद थे।
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