एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत सरकार से मानवीय सहायता के रूप में 2,000 मीट्रिक टन गेहूं की एक और खेप सोमवार को अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से अफगानिस्तान के लिए भेजी। सीमा शुल्क आयुक्त, राहुल नांगरे ने खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गेहूं से लदे ट्रकों पर भारत के लोगों से अफगानिस्तान के लोगों को उपहार संदेश लिखा हुआ था। आयुक्त राहुल नांगरे ने कहा, भारत सरकार ने अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं उपलब्ध कराने का वादा किया है, जिसमें हम पहले ही 10,000 मीट्रिक टन गेहूं भेज चुके हैं। शेष 40,000 मीट्रिक टन में से आज हम 2,000 मीट्रिक टन गेहूं की पहली खेप भेज रहे हैं। इससे पहले, भारत ने घोषणा की थी कि वह पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं भेजेगा। भारत से 2,500 टन गेहूं की मानवीय सहायता की पहली खेप 26 फरवरी को पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान के जलालाबाद पहुंची थी। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि 2,000 मीट्रिक टन गेहूं लेकर भारत की मानवीय सहायता का दूसरा काफिला 3 मार्च को अटारी, अमृतसर से जलालाबाद, अफगानिस्तान के लिए रवाना हुआ था। इसके अलावा, भारत ने 8 मार्च को अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से 40 ट्रकों में 2,000 मीट्रिक टन गेहूं की तीसरी खेप अफगानिस्तान भेजी। 15 मार्च को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते अफगानिस्तान के लिए 2,000 मीट्रिक टन गेहूं की चौथी खेप भेजी गई थी। नवंबर 2021 में पाकिस्तान सरकार ने अफगान लोगों के लिए एक विशेष संकेत के रूप में, मानवीय उद्देश्यों के लिए असाधारण आधार पर वाघा सीमा के माध्यम से भारत से अफगानिस्तान में मानवीय सहायता के रूप में 50,000 मीट्रिक टन गेहूं और जीवन रक्षक दवाओं के परिवहन को मंजूरी दी थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार मानवीय सहायता के परिवहन के लिए दी गई समयावधि 21 मार्च 2022 को समाप्त हो गई थी। लेकिन भारत सरकार की परिवहन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए समय अवधि में विस्तार का अनुरोध करने के बाद गेहूं परिवहन के लिए दो महीने का विस्तार कर दिया गया है।
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