एबीएन सेंट्रल डेस्क। नॉर्थ कोरिया में इन दिनों कोरोना ने कोहराम मचा रखा है। वहां एक हफ्ते पहले ही कोरोना का पहला केस मिला था। उसके बाद से मरीजों की संख्या बेहद तेजी से बढ़ रही है। हालात काबू करने के लिए सेना को उतार दिया गया है। कोरिया में कोरोना सिर्फ उसी के लिए चिंता का सबब नहीं है, पूरी दुनिया को भी मुश्किल में डाल सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आगाह किया है कि उत्तर कोरिया जैसी जगहों से कोरोना का नया वैरिएंट पैदा हो सकता है। कोरिया में गैर टीकाकरण वाले लोगों के बीच में कोरोना वायरस के संक्रमण के उच्च स्तर पर पहुंचने का खतरा बना हुआ है। उत्तर कोरिया विश्व स्वास्थ्य संगठन का सदस्य है, लेकिन एक अलग थलग देश है। वह अपने पहले कोविड-19 के प्रकोप से ही निजात नहीं पा सका है। ऐसे में वैक्सीन की कमी और चिकित्सकीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के अभाव में वहां कोरोना फैलने का खतरा बढ़ रहा है। उत्तर कोरिया में कोरोना के प्रकोप के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में विश्व स्वास्थ्य संगठन के निदेशक माइक रायन ने कहा कि अगर कोई देश उपलब्ध तरीकों का इस्तेमाल नहीं करता है तो निश्चित तौर पर यह एक चिंता की बात हो सकती है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बार-बार यह चेतावनी दी है कि जहां संक्रमण की जानकारी या जांच नहीं होती है, वहीं से नए वैरियंट के उभरने का सबसे ज्यादा खतरा होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस एडहानोम घेब्रियेसिस ने भी कहा कि गैर टीकाकरण वाले लोगों में वायरस का फैलना बहुत ज्यादा चिंता का विषय है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने पहले कहा था कि प्योंगयांग ने अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के तहत प्रकोप के बारे में आधिकारिक तौर पर सूचित नहीं किया है। यह एक प्रकार से कानूनी दायित्वों का साफ तौर पर उल्लंघन है। यह पूछने पर कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्या प्रतिक्रिया थी, रेयान का कहना था कि संस्था पूरी तरह से तैयार थी, लेकिन संप्रभु राष्ट्र में हस्तक्षेप का उनके पास अधिकार नहीं था। पिछले दो साल से कोरोना ने जब पूरी दुनिया में हाहाकार मचा दिया था, तब भी नॉर्थ कोरिया अपनी सख्त पाबंदियों की वजह से इसकी चपेट में आने से बचा रहा। वहां कोरोना का पहला केस अभी 8 मई को दर्ज हुआ है। एक हफ्ते के अंदर ही वहां 168 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है। एक व्यक्ति की मौत हुई है। हालांकि डेढ़ लाख से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। इस बुखार ने 56 लोगों की जान भी ले ली है। मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि हेल्थ सिस्टम के मामले में नॉर्थ कोरिया की स्थिति दुनिया के सबसे खराब देशों में से एक है।
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