एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत वर्चुअल यूनिवर्सिटी फॉर पीस एंड एडुकेशन की ओर से मानद डॉक्टरेट (हॉनररी डॉक्टरेट, पीएचडी) पुरस्कार समारोह टेकनिया आॅडिटोरियम, रोहिणी, पितंपुरा, नवी दिल्ली में आयोजित किया गया था। मौके पर डॉ टीएम स्वामी फाउंडर एंड डीन भारत वर्चुअल यूनिवर्सिटी, डॉ राजेश कुमार तोमर डायरेक्टर मेवार यूनिवर्सिटी, नैशनल वाईस प्रेसिडेंट राष्ट्र निर्माण पार्टी प्रो चांसलर विराट स्किल्स एंड लोटस स्किल्स यूनिवर्सिटी मणिपुर, माननीय संसद श्री कुमार पाल मेहता खासदार (भारतीय जनता पार्टी) जे पी नड्डा (भारतीय जनता पार्टी प्रेसिडेंट) ह्यांचे जवलचे संबंधी, डॉ नीरज गुप्ता बीजेपी एम सिडी कौंसिलर, एमएम अहमद, डॉ चंद्रकांत सिंग, मेजर जनरल राणा, सुरज मंडल, डॉ प्रियंका चौहान, मां प्रभा किरण स्पिरिच्युअल लीडर, उत्तराखंड, सुभाष गुप्ता, नरेश गोयल, गौरव गुप्ता, ऐसे गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में हुआ। समारोह अती उल्हासमय वातावरण में संपन्न हुआ। गणमान्यों की मौजूदगी में मुंबई के जाने-माने प्राकृतिक चिकित्सक एवं क्युपंक्चरिस्ट डॉ प्रवीण निचत, (उन्हें आयुर्वेद/ प्राकृतिक चिकित्सा/ पूरक और वैकल्पिक चिकित्सा), येवला नासिक के प्रसिद्ध हेमंत मोहाडीकर (उन्हें आयुर्वेद/ प्राकृतिक चिकित्सा) और ऐसे अन्य विभिन्न प्रकार के लोग जो अपने संबंधित क्षेत्रों में कुशल हैं उन्हें डॉक्टरेट की मानद पीएचडी उपाधि प्रदान की गई है। डॉक्टर प्रवीण निचत वह न केवल एक पत्रकार हैं बल्कि स्वास्थ्य (आरोग्य) क्षेत्र में उनका बड़ा योगदान है और पिछले दो दशकों से रोगियों की सेवा कर रहे हैं। वे टेलीफोन के जरिए घरेलू नुस्खे बताकर मरीजोंका इलाज करते हैं, वे किसी से इसका एक रुपया भी नहीं लेते ऐसी एक अनूठी पहल करके और पूर्ण निस्वार्थ समाज सेवा कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से उन्होंने 2 लाख से अधिक रोगियों को ठीक किया है जिन्हें उन्होने देखा तक नहीं है । उन्हे हाल ही मे महामहिम राज्यपाल श्री भगत सिंग कोशायरीजी से सन्मानित किया गया, इसके पूर्व उन्हे उत्तराखंड के राज्यपाल महामहिम लेफ्टनंट जनरल गुर्मीत सिंग, मिझोराम के राज्यपाल महामहिम श्री अमलोक रतन कोहलीजी ने भी सन्मानित किया गया है। डॉ प्रवीण निचत को स्वास्थ्य के क्षेत्र में विभिन्न 175 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, उनका नाम और काम इतना बडा है कि उनकी अलग से पहचान करणे कि आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में वे प्राकृतिक उपचार, पूरक दवाएं और हमारे आसपास पाए जाने वाले पौधे, पंचगव्य, रस्सी चिकित्सा, लकड़ी की चिकित्सा, मछली चिकित्सा, जल चिकित्सा, मालिश चिकित्सा जैसे प्राकृतिक उपचार पद्धति अपनाकर भारत के विभिन्न हिस्सों से आने वाले साध्य / असाध्य बीमारियों के रोगियों का इलाज करते है। इसी कारण वंश भारत वर्चुअल युनिव्हर्सिटी फॉर पीस एंड एडुकेशन ने उन्हें मानद डॉक्टरेट (हॉनररी डॉक्टरेट) से सम्मानित किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि मानद डॉक्टरेट के पुरस्कार से हमारे देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी बढ़ी है और हम इस क्षेत्र में और अधिक शोध करने और आप सभी के आशीर्वाद से एक रोग मुक्त भारत बनाने की लगातार कोशिश करेंगे। उन्होंने इस मानद डॉक्टरेट (हॉनररी डॉक्टरेट) डिग्री के लिए भारत वर्चुअल युनिव्हर्सिटी फॉर पीस अँड एडुकेशन को धन्यवाद दिया।
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