रद्द हो सकते हैं एलआईसी आईपीओ के 10 लाख आवेदन

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जीवन बीमा निगम के 20,500 करोड़ रुपये के आईपीओ में खुदरा निवेशकों के करीब 10 लाख आवेदन तकनीकी कारणों से खारिज किए जा सकते हैं। एक सूत्र ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, एलआईसी आईपीओ में करीब 73.4 लाख खुदरा आवेदन मिले हैं। इनमें से सिर्फ 60 से 65 लाख आवेदन ही वैध माने जा सकते हैं। वैध आवेदनों की वास्तविक संख्या का औपचारिक ऐलान सूचीबद्धता से पहले एलआईसी करेगी। वैसे आईपीओ मेंं तकनीकी वजहों से बोली रद्द करना आम है। पिछले साल जोमैटो के आईपीओ में करीब 30 फीसदी खुदरा आवेदन खारिज किए गए थे। निवेश बैंकरों ने कहा कि आवेदन रद्द किए जाने की आम वजह मल्टीपल एंट्री, यूपीआई एड्रेस में गलती, नाम और पैन का बेमेल होना आदि शामिल है। कुछ मामलों में धन प्रेषित करने वाले बैंक की तरफ से यूपीआई भुगतान प्रक्रिया की प्रोसेसिंग के दौरान कुछ मसले होने के कारण भी बोली रद्द हो सकती है। एलआईसी के आईपीओ को करीब 44,000 करोड़ रुपये को बोली मिली। अगर आईपीओ को 60 लाख वैध आवेदन मिलते हैं तो भी यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा होगा, जो रिलायंस पावर के साल 2008 के आईपीओ के 48 लाख आवेदन से ज्यादा है। इस बीच, द्वितीयक बाजार में कमजोरी का असर एलआईसी के ग्रे मार्केट प्रीमियम पर पड़ा है। सूत्रों ने कहा कि अब जीएमपी 105 रुपये के उच्च स्तर से घटकर मंगलवार को 35 रुपये रह गया। एलआईसी अपने शेयरों की कीमत 949 रुपये तय कर सकती है। खुदरा निवेशकों व पॉलिसीधारकों को क्रमश: 905 व 889 रुपये पर शेयर आवंटित होंगे क्योंंकि सरकार ने इन्हें छूट दी है। सूत्रों ने कहा, बाजार नियामक सेबी और इन्वेस्टमेंट बैंकर की उद्योग निकाय एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम में खुदरा व संस्थागत निवेशकों के बीच भुगतान की समय सीमा को लेकर असमानता के मसले पर चर्चा की है।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse