एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग के 70 दिन से अधिक बीत चुके हैं। यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में रूस को कब्जा करने बड़ी सफलता मिली है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में घुसने के लिए सेना को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई शहरों में मात खाने के बाद रूस ने अब अपना अपनी गेमप्लान ही बदल दिया है। रणनीति में बदलाव करते हुए रूस पश्चिमी यूक्रेन के हिस्सों पर कब्जा जमाने की बजाय पूर्वी क्षेत्र के जिन इलाकों को कंट्रोल कर लिया गया है, उन पर पूरी तरह से पॉलिटिकल और मिलिट्री कंट्रोल स्थापित की तैयारी में जुट गया। रूस की कोशिश है कि जिन यूक्रेनी शहरों पर उसका कब्जा है वहां अब स्थानीय प्रशासन में अपने लोगों को स्थापित करे और स्थानीय लोगों से ट्रांजेक्शन में रूबल का इस्तेमाल करने का दबाव बनाया जाए। रूस की यह पॉलिसी ठीक वैसी ही पॉलिसी होगी, जैसी उसने 2014 में क्रीमिया को शामिल करते वक्त अपनाई थी।ब्रिटेन की सेना का कहना है कि रूस पूर्वी यूक्रेन के क्रामातोर्स्क और सेवेरोदोनेत्स्क शहरों पर कब्जा करने की कोशिश करेगा। ब्रिटिश सेना ने बुधवार को युद्ध के बारे में ट्विटर पर दैनिक ब्रीफिंग में यह टिप्पणी की। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूस ने क्षेत्र में बढ़त बनाने की कोशिशों के तहत इजियम के निकट लगभग 22 बटालियन सामरिक समूहों को तैनात कर रखा है। रूस के तथाकथित बटालियन सामरिक समूह में पैदल सेना की इकाइयां शामिल हैं, जो टैंक, हवाई रक्षा उपकरणों और तोपों से लैस हैं। प्रत्येक इकाई में लगभग 800 सैनिक हैं। ब्रिटिश सेना ने कहा, यूक्रेन के रक्षा चक्र को भेदने में संघर्ष करने के बजाय रूस के इजियम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है ताकि वह क्रामातोर्स्क और सेवेरोदोनेत्स्क शहरों पर कब्जा कर सके। हजारों यूक्रेनी शरणार्थी मेक्सिको सिटी में डेरा डालकर अमेरिका में प्रवेश की अनुमति मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लगभग 500 शरणार्थी मेक्सिको की राजधानी के पूर्वी हिस्से में एक स्थान पर मंगलवार को शिविरों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। यह शिविर एक सप्ताह के लिये खुले हैं। हर दिन 50-100 लोग यहां आ रहे हैं। अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान पेंटागन के शीर्ष अधिकारियों ने संसद को बताया है कि यूक्रेन में युद्ध के पहले दो महीने के दौरान अमेरिका को रूस की सैन्य खामियों और क्षमता के बारे में बहुत सी जानकारी प्राप्त हुई है। पेंटागन के अधिकारियों ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे युद्ध आगे बढ़ रहा है, रूस अपनी गलतियों से सीख रहा है। रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले ने मंगलवार को संसद की एक समिति को बताया कि अगर संसद की ओर से धनराशि को मंजूरी दी जाती है तो यूक्रेन को टैंक-रोधी, विमान-रोधी और कंधे पर रखकर दागे जाने वाली सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें जैसे अहम हथियार मुहैया कराए जा सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन का कहना है कि यूक्रेन में युद्ध ने पश्चिमी गोलार्ध में कोरोना वायरस महामारी के कारण बढ़ती गरीबी जैसी समस्याओं को और बदतर कर दिया है। वाशिंगटन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने कई समस्याओं को बदतर बना दिया है। इनमें पूरे अमेरिका में उर्वरक से लेकर गेहूं, पेट्रोलियम जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने जैसी समस्याएं शामिल हैं।
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