टीम एबीएन, रांची। झारखंड मंत्रालय में केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, खान सचिव, कोल कंपनी के अधिकारी शामिल रहे। बैठक के बाद केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि देश में कोयला का संकट नहीं है। अर्थव्यवस्था पटरी पर आने से बिजली की डिमांड बढ़ गयी है। उन्होंने बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि राजमहल और हुर्रासी परियोजना के लंबित मामलों पर चर्चा हुई है। विस्थापन-पुनर्वास और भूमि अधिग्रहण सहित अन्य समस्याओं पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। राज्य सरकार ने इस दौरान कई मांग रखी, जिसे मान लिया गया। बैठक में सकारात्मक चर्चा के बाद ये उम्मीद है कि दोनों माइंस से बहुत जल्द उत्पादन शुरू हो जाएगा। केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि राज्य सरकार से जो भी वायदा किया था, उसे पूरा किया है। इससे पहले राज्य सरकार के साथ जो बैठक हुई थी वो भी सकारात्मक थी। कई तरह की परेशानियां होती है, एक दिन में इसका समाधान संभव नहीं है। पेड़ काटे जाने जैसी कुछ छोटी समस्याएं हैं, जिसका रास्ता निकाल लिया गया है। केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के आधार पर काम हो रहा है। बिजली संकट को लेकर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि गैस से संचालित पॉवर प्लांट भी बंद हो गए है। देश और राज्य की डिमांड भी इस वक्त बढ़ गयी है। पहले प्रति दिन 3.2 बिलियन या 3.3 बिलियन प्रति यूनिट तक बिजली का उत्पादन होता था। इस वक्त प्रति दिन 3.5 बिलियन प्रति यूनिट तक बिजली का उत्पादन हो रहा है। आज के दिन भी 21 से 22 मिलियन टन तक कोयला थर्मल पॉवर प्लांट के पास है। जबकि 72 मिलियन टन कोयला कोल इंडिया सहित दूसरे के पास है। अगले 10 दिन का कोयला होने की बात कही जा रही है, पर प्रति दिन कोयला का उत्पादन होने से कहीं कोई कमी नहीं होने जा रही है।
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