टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य में शराब की कमी के कारण खुदरा शराब व्यवसायी परेशान हैं।।इसे लेकर ही पूरे राज्य के खुदरा व्यवसायियों के प्रतिनिधि उत्पाद सचिव के कार्यलाय पहुंचे और अपनी पीड़ा बताई। वहीं सकारात्मक परिणाम न मिलने पर खुदरा व्यवसायियों ने आत्मदाह करने तक की बात कह दी। खुदरा शराब विक्रेता संघ का कहना है कि उनके पास बियर का स्टॉक के साथ लीजर के कई ब्रांड के स्टॉक की आपूर्ति नहीं हो पा रही। खासकर गर्मियों में बियर की मांग ज्यादा रहती है, लेकिन बियर उन्हें मिल नहीं रही। यही बात उनकी परेशानी का बड़ा कारण है। वहीं, इसके साथ ही खुदरा व्यवसायियों को 30 अप्रैल तक ही अपने बचे स्टॉक को बेचना है, लेकिन वो स्टॉक शायद ही बिक पाए। ऐसे में दुकानदारों का कहना है कि 30 अप्रैल के बाद वो अपना स्टॉक हैंड ओवर करेंगे तो उन्हें 10% कमीशन काट कर पैसे वापस कर दिए जाएं, न कि सेल टैक्स और ड्यूटी चार्ज काटा जाए। दरअसल, नई उत्पाद नीति की वजह से खुदरा शराब व्यवसायी काफी मुश्किलों में पड़ गए हैं और यही वजह है कि वो शुक्रवार को उत्पाद सचिव के घेराव के लिए पहुंच गए। हालांकि, कुछ इंतजार के बाद खुदरा व्यवसायी संघ के प्रतिनिधिमंडल से सचिव ने मुलाकात भी की और अपनी पीड़ा भी जाहिर की। व्यवसायियों का कहना है कि अगर ऐसा होता है और सरकार इसके प्रति संवेदनशील नहीं होती तो हमलो 27 तारीख से उग्र आंदोलन करेंगे। व्यवसाइयों ने आत्मदाह तक कर लेने की बात भी कह दी। ये जानकारी झारखण्ड खुदरा शराब व्यवसायी संघ, सचिव सुबोध अग्रवाल, और रांची खुदरा शराब व्यवसायी संघ के अध्यक्ष वीरेन साहू के द्वारा निर्णय के बाद कही गई। दूसरी ओर व्यवसायी संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद उत्पाद सचिव विनय चौबे ने कहा शराब के स्टॉक को लेकर जो परेशानी आ रही है उसे दूर करने को लेकर कंपनियों से वार्ता करेंगे और से दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। हालांकि खुदरा व्यवसायियों के बचे हुए स्टॉक को लेकर सचिव ने गोल मोल जवाब दिया।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse