एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत हाल के वर्षों में किये गये आर्थिक सुधारों और कारोबार सुगमता के लिये उठाये गये कदमों के साथ वित्त वर्ष 2022-23 में 100 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित कर सकता है। उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने बृहस्पतिवार को यह कहा। उद्योग मंडल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर आठ प्रतिशत से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिंसों खासकर कच्चे तेल के दाम में तेजी से मुद्रास्फीति बढ़ने का जोखिम है। उद्योग मंडल ने कहा, भारत हाल के वर्षों में किये गये महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों और कारोबार सुगमता के साथ वित्त वर्ष 2022-23 में 100 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित कर सकता है। पीएचडी चैंबर ने आर्थिक विकास को मजबूत करने और अगले पांच साल में 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने को लेकर कुछ सुझाव भी दिये। सुझावों में तेजी से बुनियादी ढांचा निवेश, पीएलआई योजना के तहत और अधिक क्षेत्रों को शामिल करना, कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश में वृद्धि, वस्तुओं की ऊंची कीमत और कच्चे माल की कमी की समस्या को दूर करना शामिल है।
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