एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने दावा किया है कि कुतुब मीनार पहले "विष्णु स्तंभ" था। मीनार का निर्माण 27 हिंदू-जैन मंदिरों को तोड़कर प्राप्त सामग्री से किया गया था। हिंदू समुदाय को परेशान करने के लिए इसका निर्माण किया गया। विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि हम मांग करते हैं कि उन सभी 27 मंदिरों का पुनर्निर्माण किया जाए, जिन्हें पूर्व में गिराया गया था। इसके साथ ही हिंदुओं को कुतुब मीनार में पूजा करने की अनुमति दी जाए। पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय भी उठा चुके हैं सवाल इससे पहले पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने कुतुब मीनार परिसर में एक जगह भगवान गणेश की उल्टी प्रतिमा और एक जगह उनकी प्रतिमा को पिंजरे में बंद कर हिंदू भावनाओं को अपमानित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक को पत्र लिख कर इन प्रतिमाओं को राष्ट्रीय संग्रहालय में रखवाने की मांग की है। प्रतिमाओं की फोटो एएसआई के महानिदेशक को भेजी 25 मार्च को लिखे पत्र में कहा कि अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान उन्हें बुद्धिजीवियों, प्रतिनिधिमंडलों से जूते उतारने की जगह गणेश की उल्टी प्रतिमा रखने और एक जगह पर पिंजरे में बंद रखने की शिकायत मिली। इसे भारत के संविधान की समानता और न्याय की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए उन्होंने लिखा कि इन प्रतिमाओं को सम्मान के साथ राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा जा सकता है। पत्र के साथ उन्होंने दोनों प्रतिमाओं की फोटो भी एएसआई के महानिदेशक को भेजी है।
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