टीम एबीएन, गुमला। उपायुक्त गुमला सुशांत गौरव की अध्यक्षता में कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय गुमला सदर में विषाक्त भोजन खाने से बीमार हुई छात्राओं के मामले में आवश्यक कार्रवाई हेतु बैठक नया समाहरणालय भवन स्थित उपायुक्त के कार्यालय कक्ष में की गई। बैठक में उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त द्वारा उक्त मामले में पाए गए निष्कर्षों एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा आवासीय विद्यालयवार किए गए खाद्य सामग्रियों की जांच की समीक्षा की। उप विकास आयुक्त द्वारा बताया गया कि बच्चों को समय पर भोजन नहीं तथा पौष्टिक भोजन नहीं मिलता है। उपायुक्त नेपिरयोजना निदेशक आईटीडीए से सभई आवासीय विद्यालयों में बोजन की जांच किए जाने की भी समीक्षा की। जिसपर परियोजना निदेशक ने बताया कि सभी आवासीय विद्यालयों में प्राय: भोजन की गुणवत्ता संतोषप्रद पाई गई। बैठक में उपायुक्त ने अनुमंडल स्तर पर सभी निकटतम अस्पतालों/ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अनुमंडल पदाधिकारियों के पर्यवेक्षण में विद्यालयों के खाद्य पदार्थों का नमूना जांच हेतु संधारित करवाने का निर्देश दिया। समीक्षा के क्रम में आवासीय विद्यालयों में भोजन सामग्रियों की आपूर्ति हेतु किए गए निविदा की प्रक्रिया नियमसंगत नहीं पाई गई, जिसके कारण भोजन की आपूर्ति समय पर नहीं होने की समस्या भी देखी गई। निविदा प्रक्रिया नियमसंगत नहीं पाए जाने, भोजन सामग्रियों के गलत दर दशार्ने तथा बच्चों को भोजन सामग्री समय पर आपूर्ति नहीं किए जाने पर उपायुक्त ने घोर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं एडीपीओ से स्पष्टिकरण पूछते हुए उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने सभी केजीबीवी एवं आवासीय विद्यालयों की सूची प्राप्त करने तथा उक्त विद्यालयों में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर चस्पा करवाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने सभी पदेन पदाधिकारियों का आॅफिशियल मोबाइल नंबर संधारित करने का निर्देश दिया। उन्होंने वैसे सभी जगहों जहाँ समस्याएं होने की अधिक संभावना है वहां संबंधित पदाधिकारियों का मोबाइल नंबर बतौर हेल्पलाइन नंबर के रूप में जारी करने का निर्दश दिया। इस संबंध में उन्होंने निर्देशित किया कि जिले के सभी प्रमुख प्रशासनिक पदाधिकारियों का मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। उन्होंने शनिवार तक सभी प्रशासनिक पदेन पदाधिकारियों का आॅफिशियल मोबाइल नंबर जारी करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने विद्यालय स्तर पर अलग-अलग पैमाने पर होने वाली समस्याओं की जाँच दंडाधिकारी स्तर के पदाधिकारियों द्वारा प्रत्येक सप्ताह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विद्यालयों की समस्याओं का निदान करते हुए व्यवस्थित परिवर्तन हेतु विस्तृत कार्य योजना एवं रणनीति तैयार कर कार्य करने का भी निर्देश दिया। इसके अलावे बैठक में अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता ने आवासीय विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता के औचक जाँच हेतु स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारियों की एक टीम का गठन कर सप्ताह में 02 बार औचक निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने तथा प्रखंडस्तर पर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की टीम का गठन कर विद्यालयों का औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। बैठक में उपायुक्त सुशांत गौरव, परियोजना निदेशक आईटीडीए इंदु गुप्ता, उप विकास आयुक्त हेमंत सती, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, अनुमंडल पदाधिकारी चैनपुर प्रीति किस्कू, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक सुरेंद्र पाण्डेय, एडीपीओ पीयुष कुमार व अन्य उपस्थित थे।
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