एबीएन सेंट्रल डेस्क। युद्ध के 27वें दिन यूक्रेन ने एक उपनगर और राजमार्ग रूस से वापस छीन लिया। रूसी कब्जे वाले यूक्रेनी शहर खेरसान में कई नागरिक दुश्मन फौज के टैंकों के खिलाफ डट गए हैं। एक चौराहे पर स्थानीय नागरिकों ने रैलियां निकालीं। लोगों ने रूस वापस जाओ के नारे लगाते हुए हमलावरों के टैंकों व बख्तरबंद वाहनों की आवाजाही ठप कर दी। प्रदर्शन से बौखलाए रूसी फौजियों ने निहत्थे नागरिकों पर गोलीबारी करके तितर-बितर करने की कोशिश की। इससे कुछ प्रदर्शनकारी घायल हुए, लेकिन लोगों ने रूसियों को पीछे हटाकर ही दम लिया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूसी सैन्य बलों ने मंगलवार को आवश्यक आपूर्ति लेकर मारियुपोल पहुंचने की कोशिश कर रहे एक मानवीय काफिले को न केवल रोका, बल्कि कुछ बचावकर्मियों तथा बस चालकों को बंदी भी बना लिया। उन्होंने कहा कि रूस इससे पूर्व काफिले को रास्ता देने को लेकर सहमत हुआ था। जेलेंस्की ने मंगलवार रात राष्ट्र के नाम एक वीडियो संबोधन में कहा, हम मारियुपोल के निवासियों के लिए स्थिर मानवीय गलियारे बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से हमारे लगभग सभी प्रयासों को रूस ने गोलाबारी कर या जानबूझकर हिंसक गतिविधियों से विफल कर दिया है। यूक्रेन की उप राष्ट्रपति इरिना वेरेश्चुक ने कहा कि रूसियों ने 11 बस चालकों और चार बचावकर्मियों को उनके वाहनों के साथ कब्जे में ले लिया है। उनके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। मंगलवार को मारियुपोल से 7,000 से अधिक लोगों को निकाला गया, लेकिन शहर में लगभग 1,00,000 लोग अब भी अमानवीय परिस्थितियों में, पूर्ण नाकाबंदी के कारण भोजन, पानी, दवा के बगैर और लगातार गोलाबारी के बीच रह रहे हैं। युद्ध से पहले, इस बंदरगाह शहर की आबादी 4,30,000 थी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने आशंका जताई कि यूक्रेन में रूस रासायनिक या जैविक हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।
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