टीम एबीएन, गुमला। उपायुक्त गुमला सुशांत गौरव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कोविड टास्क फोर्स की बैठक उपायुक्त के कार्यालय कक्ष में की गई। बैठक में 12 से 14 वर्ष के बच्चों का कोविड-19 टीकाकरण हेतु कार्य-योजना, कोविड-19 टीकाकरण के प्रथम एवं द्वितीय डोज की स्थिति, एंबुलेंस सहित अन्यान्य विषयों पर समीक्षा की गई। उपायुक्त ने 12 से 14 आयुवर्ग के बच्चों के कोविड टीकाकरण के संबंध में सिविल सर्जन, जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को 21 से 26 मार्च तक युद्धस्तर पर सभी बच्चों का कोविड टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने जिला शिक्षा अधीक्षक को सभी विद्यालयों में अध्ययनरत 12-14 वर्ष के विद्यार्थियों को शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण से आच्छादित करने के साथ ही 12-14 आयुवर्ग के आउट आॅफ द स्कूल बच्चों को भी चिन्हित करते हुए, उनके टोलों में जाकर कोविड का टीका लगवाने का निर्देश दिया। इस संबंध में उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि 12 से 14 आयुवर्ग के टीकाकरण हेतु टीकाकरण टीम को तैनात करने तथा प्रेझा फाउंडेशन द्वारा संचालित नर्सिंग कौशल कॉलेज के फाइनल ईयर के विद्यार्थियों से भी टीकाकरण के कार्य में सहयोग प्राप्त करने का निर्देश दिया। बैठक में कोविड टीकाकरण के प्रथम एवं द्वितीय डोज की प्रगति की समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लाभार्थियों के द्वितीय डोज में पालकोट, भरनो एवं सिसई की उपलब्धि बेहद असंतोषजनक है। इसपर उपायुक्त ने अपर समाहर्त्ता को निर्देश दिया कि खराब प्रदर्शन करनेवाले तीनों प्रखंडों के संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र निर्गत करते हुए प्रत्येक दिन 31 मार्च तक वीसी के माध्यम से इनके कार्यों की व्यक्तिगत समीक्षा करने तथा छूटे हुए वैसे सभी लोग जिनकी द्वितीय डोज की तिथि पहुंच चुकी है, उन्हें टीकाकृत करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने जिला डाटा प्रबंधक कोप्रत्येक दिन खराब प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों के 18 प्लस एवं 15 प्लस आयुवर्ग के द्वितीय डोज के टीकाकरण का अनुश्रवण करने का भि निर्देश दिया। उपायुक्त ने अपर समाहर्त्ता को सिविल सर्जन द्वारा प्राप्त वैसे कोविड केयर सेंटर जो अस्पतालों को छोड़कर अन्य भवनों में संचालित थे, उनकी सूची के आधार पर संचिका तैयार कर उक्त भवनों को डिनोटिफाई करने हेतु प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्हें यह भी निर्देश दिया कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दें कि एक सप्ताह के अंदर अस्पताल प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित कर उक्त बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की आवश्यकताओं, मरीजों के हित के लिए योजनाओं, एम्बुलेंस की आवश्यकता, कायाकल्प का अंतराल विश्लेषण तथा चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों को सुविधा उपलब्ध कराने से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर 25 मार्च तक उपलब्ध कराएं ताकि जिला स्वास्त्य समिति की बैठक में प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सके। बैठक में उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से कोविड-19 टीकाकरण में असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाली एएनएम को चिन्हित कर 21 मार्च तक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके अलावे उपायुक्त ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सिविल सर्जन से प्राप्त जर्जर एम्बुलेंस की सूची के आधार पर मोटर वाहन निरीक्षक से पत्राचार कर बनने लायक वाहनों की मरम्मती हेतु उनका प्राक्कलन तैयार करवाने का निर्देश दिया। बैठक में उपायुक्त सुशांत गौरव सहित अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता सह नोडल पदाधिकारी कोविड टीकाकरण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी सह नोडल स्वास्थ्य रवि आनंद, सिविल सर्जन डॉ राजू कच्छप, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक सुरेंद्र पाण्डेय, एडीपीओ पीयुष कुमार, डीडीएम राजीव, डीपीएम स्वास्थ्य जया रेशमा खाखा, डॉ नागभूषण प्रसाद, एचएसटीएफ जदान की प्रियंका ग्रेवाल, नीति आयोग के आशीष, यूनिसेफ गुमला के पवन कुमार व अन्य उपस्थित थे।
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