एबीएन डेस्क (अदिति फडणीस-विनय उमरजी)। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों में से चार राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जीत दर्ज करने के एक दिन बाद बगैर कोई समय गंवाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर गुजरात की सड़कों पर उतरे। इस राज्य में साल के अंत में चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद से पार्टी के चुनाव अभियान की प्रभावी शुरुआत शुक्रवार को कर दी। इसे एक आकस्मिक फैसला कहा जा सकता है क्योंकि भाजपा की राज्य इकाई को यात्रा आयोजित करने के लिए बहुत कम समय मिला। लेकिन फिर भी सड़कों पर भारी भीड़ दिखी क्योंकि मोदी फूलों से भरी एक खुली कार में सवार होकर रोडशो करते हुए हाथ हिला रहे थे। उनके रोड शो की शुरुआत हवाई अड्डे से लेकर गांधीनगर में भाजपा के राज्य मुख्यालय कमलम तक हुई जो हवाई अड्डे से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। मोदी ने पंचायत निकायों के एक लाख से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों की रैली को भी संबोधित किया। वह नवरंगपुरा के सरदार पटेल स्टेडियम में शनिवार को खेल महाकुंभ 2022 में उपस्थित रहेंगे और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। रोडशो के भाजपा मुख्यालय तक पहुंचने के वक्त तक "जय श्री राम", "भारत माता की जय" के नारे लगते सुनाई दे रहे थे। उनके सम्मान में एक विशाल रंगोली तैयार की गई थी और संतों और संन्यासियों की तर्ज पर भगवा रंग के कपड़े पहने प्रधानमंत्री ने अर्घ्य दिया। मोदी ने लोगों से खचाखच भरे सभा स्थल पर पंचायत प्रमुखों से कहा, गांव कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में सफल रहे हैं। मैं ग्राम प्रधानों को उनके प्रयासों के लिए बधाई देता हूं। मैं देश के किसानों को भी बधाई देता हूं कि उनकी वजह से महामारी के दौरान खाद्य आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान महात्मा गांधी और सरदार पटेल का जिक्र भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा, गुजरात, बापू और सरदार वल्लभ भाई पटेल की धरती है। बापू हमेशा ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर गांवों की बात करते थे। आज, जब हम अमृत महोत्सव मना रहे हैं ऐसे में हमें ग्रामीण विकास के बापू के सपने को पूरा करना चाहिए। उन्होंने गुजरात के एकमात्र प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा, ग्राम स्वराज के सपने को पूरा करने के लिए एक मजबूत पंचायती राज बुनियादी ढांचा महत्त्वपूर्ण है। सभी पंचायत सदस्य और सरपंच इस उद्देश्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। गुजरात में 2021 में पंचायत चुनाव आयोजित किए गए थे, हालांकि आधिकारिक तौर पर ये चुनाव दलों से इतर तर्ज पर लड़े गए थे लेकिन जिन अधिकांश उम्मीदवारों ने जीत हासिल की वे भाजपा के सदस्य हैं। भाजपा ने सभी 31 जिला पंचायतों के साथ-साथ 231 तालुका पंचायतों में से 196 और 81 नगरपालिकाओं में से 74 में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। राज्य में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केवल एक नगरपालिका और 18 तालुका पंचायतों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया जबकि एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी (आप) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कांग्रेस जिन पंचायतों में सत्ता में थी वहां भी हार गई। इस बीच, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आप गुजरात चुनाव भी उसी तर्ज पर लड़ने के लिए तैयार है जैसे कि उसने पंजाब में खुद को संगठित किया था और कहा कि दिल्ली और पंजाब मॉडल को गुजरात में भी दोहराया जाएगा।
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