एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में यूक्रेन संकट को लेकर अहम बैठक कर सकते हैं। इस दौरान रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की वजह से बने हालात पर चर्चा होगी। दरअसल, सरकार युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को वतन वापस लाने के लिए अभियान चला रही है। पीएम मोदी पहले ही कह चुके हैं कि यूक्रेन में फंसे हर भारतीय को वापस लाना सरकार की प्रथामिकता है। यही वजह है कि बीते 24 घंटे में तीसरी बार पीएम मोदी उच्चस्तरीय बैठक करने जा रहे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी चुनाव प्रचार के तुरंत बाद रविवार रात अहम बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षा और वतन वापसी को लेकर प्राथमिकता से कदम उठाने को कहा था। इसके बाद सोमवार सुबह उन्होंने एक फिर हाईलेवल मीटिंग की और भारतीय छात्रों की निकासी के लिए चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के सीमावर्ती देशों में भेजने का फैसला किया। 20 हजार से ज्यादा नागरिक फंसे थे : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के बयान के मुताबिक, छात्रों व अन्य लोगों को मिलाकर करीब 20 हजार से ज्यादा भारतीय यूक्रेन मां रहते हैं। भारत ने कहा था कि सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी हमारा प्रयास है। अभी भी करीब 18 हजार भारतीय यूक्रेन में फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास की ओर से लगातार इन छात्रों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है।
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