टीम एबीएन, हजारीबाग। 23 फरवरी को वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आवाहन पर पूरे राज्य के 1250 संस्थाओं में वित्त रहित स्कूल और इंटर कॉलेजों को वेतनमान देने एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा की नियुक्ति को लेकर शैक्षणिक हड़ताल रहा। वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने राज्य के 1250 इंटर कॉलेजों, उच्च विद्यालयों, संस्कृत एवं मदरसा विद्यालयों में शैक्षणिक हड़ताल रहा। 23 फरवरी को सारे वित्त रहित स्कूल कॉलेजों में ताला लटका रहा। जिसके कारण तीन लाख से ज्यादा छात्र छात्राओं के पठन-पाठन ठप रहा। और स्कूल कॉलेज पूर्णता बंद रहे। मोर्चा की मुख्य मांगें : 1. अनुदानित इंटर कॉलेजों, संस्कृत विद्यालयों, मदरसा विद्यालयों और उच्च विद्यालयों का अधिग्रहण किया जाए। 2. संस्कृत एवं मदरसा विद्यालयों को दोगुना अनुदान दिया जाए 2021-22 में। 3. इंटरमीडिएट शिक्षक कर्मचारी सेवा शर्त नियमावली को मंत्री परिषद से सहमति के लिए भेजी जाए। 4. जैक बोर्ड का पुनर्गठन किया जाए। 5. निदेशक माध्यमिक शिक्षा का अविलंब नियुक्ति की जाए। 6. वित्तीय वर्ष 2021-22 का अनुदान 28 फरवरी तक स्कूल कॉलेजों को भेजी जाए। 7. अनुदान की राशि सीधे स्कूल कॉलेजों के खाते में भेजी जाएं। इस हड़ताल को सफल बनाने में प्राचार्य शंभू कुमार, शिक्षक पंकज कुमार, रत्नेश राणा, रियाज अहमद, दीपक प्रसाद, अजीत हंसदा, अजय उरांव, विनय कुमार मेहता, रंजन कुमार, गायत्री शर्मा, संगम कुमारी, उर्मिला राणा, दयानंद कुमार यादव, ममता गुप्ता, रमा कुमारी, मनोज कुमार, विनोद कुमार मेहता, कृष्ण कुमार मेहता, राजकुमार सिन्हा, संजय प्रजापति, अल्लामा शाहीन।
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