टीम एबीएन, गुमला। उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजनांतर्गत बकरा विकास, शूकरपालन, ब्रायलर-कुक्कुटपालन आदि की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति की समीक्षा हेतु बैठक आटीडीए भवन के सभागार में की गई। उपायुक्त ने विगत वित्तीय वर्ष 2020-21 में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजनांतर्गत हुए प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में सदर प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि बकरा विकास योजनांतर्गत 54 का लक्ष्य निर्धारित था। जिसके आधार पर सभी 54 लाभुकों का चयन कर लिया गया किंतु लाभुक अंशदान देने में असमर्थ हैं, जिसके कारण मात्र 18 लाभुकों के बीच ही बकरों का वितरण किया जा सका है। इसपर उपायुक्त ने अंसोतष व्यक्त करते हुए पुन: वैसे लाभुक जो अंशदान देने में समर्थ हों उनका चयन करने का निर्देश दिया। लेयर बर्ड फार्मिंग की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध सभी लाभुकों का चयन कर लिया गया है, किंतु वितरण एक भी नहीं हुआ है। इसपर उपायुक्त ने जिला पशुपालन पदाधिकारी को चयनित लाभुकों की सूची उप विकास आयुक्त के कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं ब्रॉयलर/ कुक्कुटपालन में लाभुकों के चयन के पश्चात् वितरण शून्य पाया गया। इसपर उपायुक्त ने जिला पशुपालन पदाधिकारी को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना को गंभीरता से लेते हुए लाभुकों के चयन के पश्चात् वितरण सुनिश्चित करने अन्यथा जिला पशुपालन पदाधिकारी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शूकर विकास योजना के संबंध में पाया गया कि 87 लाभुकों के चयन करने का लक्ष्य निर्धारित था। जिसमें से 84 लाभुकों का चयन किया गया किंतु वितरण मात्र 13 लाभुकों के बीच ही किया गया। जिसपर जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि आपूर्तिकर्ता द्वारा पशुधन की आपूर्ति समय पर नहीं किए जाने के कारण वितरण लंबित है। साथ उन्होंने यह भी बताया कि 84 लाभुकों में से एक का भी शेड निर्माण नहीं हुआ है। इसपर उप विकास आयुक्त हेमंत सती ने रांची के आपूर्तिकर्ता के स्थान पर स्थानीय आपूर्तिकर्त्ता को पंजीकृत करवाकर उनसे पशुधन की आपूर्ति ससमय सुनिश्चित करने का निर्देश जिला पशुपालन पदाधिकारी को दिया। साथ ही शेड निर्माण के संबंध में उन्होंने सभी 84 लाभुकों के शेड निर्माण हेतु भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वित्तीय वर्ष 2021-22 में बकरा विकास योजनांतर्गत अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा क क्रम में पाया गया कि निर्धारित लक्ष्य 506 के विरूद्ध 477 लाभुकों का चयन कर लिया गया है। शेष 29 का चयन लंबित है। बत्तख-चूजा वितरण हेतु निर्धारित लक्ष्य 1120 के विरूद्ध 1101 लाभुकों का चयन कर लिया गया है। शेष 19 लाभुकों का चयन लंबित है। जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि सभी योजनांतर्गत राज्यादेश के आलोक में निर्धारित भौतिक लक्ष्य 1841 के आधार पर बकरा विकास, शूकर विकास तथा बत्तख चूजा वितरण योजनांतर्गत शेड निर्माण लंबित है। उपायुक्त ने 28 फरवरी तक छूटे हुए लाभुकों के चयन हेतु स्वीकृति प्राप्त करते हुए लक्ष्य के अनुरूप चयन उपरांत पशुधन का वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही शेड निर्माण हेतु उप विकास आयुक्त को निर्देशित किया। लाभुकों के भुगतान की अद्यतन स्थिति की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि 01 करोड़ 69 लाख का भुगतान लाभुकों के खातों में किया जाना है, किंतु वर्तमान में लाभुकों का पेयी आईडी बनाने की प्रक्रिया जारी है। लाभुकों के खातों में भुगतेय राशि हस्तांतरित किए जाने में विलंब करने पर उपायुक्त ने जिला पशुपालन पदाधिकारी को फटकार लगाते हुए 28 फरवरी तक लाभुकों का पेयी आईडी बनाते हुए उनके खातों में शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त हेमंत सती, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ मोहम्मद कलाम, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी सदर/ घाघरा/ बिशुनपुर/ सिसई/ भरनो/ पालकोट/ बसिया/ कामडारा, टीवीओ व अन्य उपस्थित थे।
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