मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें : उपायुक्त

 

टीम एबीएन, गुमला। उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजनांतर्गत सहायता राशि के भुगतान हेतु प्रखंडों से प्राप्त अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी जाति के लाभुकों के भुगतान हेतु जिलास्तरीय समिति की बैठक आईटीडीए भवन के सभागार में की गई। बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए ने अनुसूचित जनजाति/ जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जनजाति/ जाति एवं पिछड़ा वर्ग हेतु संचालित चिकित्सा सहायता योजना के क्रियान्वयन में संशोधन, अनुदान राशि की अधिसीमा, भुगतान का प्रक्रिया एवं चिकित्सा सहायता योजना के नाम को परिवर्तित करते हुए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना करने के संबंध में जानकारी साझा किया। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा संचालित चिकित्सा सहायता योजना के क्रियान्वयन को प्रभावी बनाने हेतु एवं अधिकाधिक लाभुकों को चिकित्सा अनुदान का लाभ देने हेतु योजना के क्रियान्वयन एवं स्वरूप में संशोधन की गई है। वहीं वर्तमान स्थिति में कोरोना संक्रमण से अधिकाधिक लोगों के प्रभावित हो रहे हैं व इस संक्रमण की वजह से लोगों की आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिसके फलस्वरूप भी वर्तमान में संचालित चिकित्सा सहायता योजना के क्रियान्वयन में संशोधन किया गया है। उन्होंने योजनांतर्गत लाभुकों के अहर्ता एवं आवेदन करने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि केवल अनुसूचित जनजाति/ जाति एवं पिछड़ा वर्ग के पूर्वविक्ता परिवार राशन कार्डधारी/ अंतयोदय राशन कार्डधारी/ हरा कार्डधारी परिवार के सदस्य ही योजनांतर्गत अनुदान राशि का लाभ प्राप्त करने हेतु योग्य होंगे। आवेदन के साथ आवेदक को राशव कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। योजनांतर्गत अनुदान राशि का लाभ लेने हेतु आवेदक को आॅनलाइन निर्गत जाति प्रमाण पत्र की छायाप्रति अपने आवेदन के साथ समर्पित करना अनिवार्य होगा तथा अपने बीमारी से संबंधित प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ समर्पित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ आवेदक को अपने आवेदन के साथ आधार कार्ड की प्रति एवं बैंक खाता संख्या संलग्न करनना अनिवार्य होगा। उन्होंने आगे बताया कि आवेदक अपना आवेदन प्रखंड कार्यालय अथवा जिला कल्याण पदाधिकारी अथवा परियोजना निदेशक आईटीडीए के कार्यालय में समर्पित कर सकते हैं। इसपर उपायुक्त ने सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश का अनुपालन करते हुए आवेदकों से आवेदन प्राप्त करने हेतु उनका आॅनलाइन निर्गत जाति प्रामण पत्र की छायाप्रति अनिवार्य रूप से प्राप्त करने का निर्देश परियोजना निदेशक आईटीडीए को दिया। परियोजना निदेशक ने योजनांतर्गत रोगियों को उनके बीमारी की वजह से उनके आजीविका में होने वाली क्षति की पूर्ति हेतु अथवा बीमारी की अवधि/ ईलाज के बाद में पौष्टिक आहार की पूर्ति हेतु अथवा दोनों उद्देश्यों की पूर्ति हेतु अनुदान राशि का भुगतान किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि यदि रोगी वयस्क हो तो उक्त रोगी को उनके बीमारी की वजह से उनके आजीविका में होने वाली क्षति पूर्ति हेतु तथा बीमारी की अवधि/ ईलाज के बाद पौष्टिक आहार की पूर्ति हेतु न्यूनतम 03 हजार रुपए से अधिकतम 10 हजार रुपए की अनुदान राशि का भुगतान किया जाएगा। यदि रोगी अव्यस्क हों तो इस स्थिति में रोगियों को बीमारी की अवधि/ ईलाज के बाद पौष्टिक आहार हेतु न्यूनतम 1500 रुपए से अधिकतम 5000 रुपए की अनुदान राशि का भुगतान किया जाएगा। परियोजना निदेशक ने बताया कि योजनांतर्गत अनुदान की राशि निम्नलिखित बीमारी हेतु देय होगा। लाभुक किसी भी तरह की बीमारी अथवा किसी शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के कारण, गर्भावस्था एवं प्रसव को छोड़कर पीड़ित हों। इसके साथ ही कोरोना संक्रमित व्यक्ति तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को अनुदान की राशि देय होगी। योजनांतर्गत अनुदान राशि निम्न रूप से देय होगी : लाभुक यदि व्यस्क हों, तो इस सथिति में योजनांतर्गत अनुदान राशि निम्न रूप से देय होगा। किसी भी तरह की बीमारी अथवा शल्य चिकित्सा हेतु बीमारी/ अस्पताल में ईलाज की अवधि 07 दिनों से कम होने पर 03 हजार, बीमारी/ अस्पताल में ईलाज की अवधि 07 दिनों से अधिक होने पर 05 हजार, कोरोना संक्रमित व्यक्ति का यदि ईलाज घर पर हुआ हो तो 05 हजार, यदि पीड़ित का ईलाज अस्पताल में हुआ हो तो 10 हजार तथा केंसर पीड़ितों को 25 हजार अनुदान राशि देने का प्रावधान है। वहीं लाभुक यदि अव्यस्क हों तो इस स्थिति में योजनांतर्गत अनुदान राशि निम्न रूप से देय होगी। किसी भी तरह की बीमारी अथवा शल्य चिकित्सा हेतु बीमारी/ अस्पताल में ईलाज की अवधि 07 दिनों से कम होने पर 1500, बीमारी/ अस्पताल में ईलाज की अवधि 07 दिनों से अधिक होने पर 2500, कोरोना संक्रमित व्यक्ति का यदि ईलाज घर पर हुआ हो तो 2500, यदि पीड़ित का ईलाज अस्पताल में हुआ हो तो 05 हजार तथा कैंसर पीड़ितों को 15 हजार अनुदान राशि देने का प्रावधान है। लाभुकों को अनुदान राशि प्राप्त करने हेतु बीमारी से संबंधित सिविल सर्जन/ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र/ प्रतिवेदन/ अभिप्रमाणित दस्तावेज देना होगा। परियोजना निदेशक ने बताया कि विगत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 54 अनुसूचित जनजाति/ जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लाभुकों की संख्या प्राप्त की गई है। जिन्हें 03 लाख 97 हजार की राशि का भुगतान किया जाना है। उपायुक्त ने लाभुकों से आॅनलाइन जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करते हुए उनका भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश परियोजना निदेशक को दिया। उन्होंने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा सिविल सर्जन को अस्पताल में आने वाले रोगियों को योजना की जानकारी देते हुए उन्हें आवेदन पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा अधिक से अधिक आवेदन सृजित करने का भी निर्देश दिया। उप विकास आयुक्त हेमंत सती ने योजना का अधिकाधिक लाभ लोगों को दिलाने के उद्देश्य से प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उक्त योजना से संबंधित फ्लैक्स/ बैनर अधिष्ठापित करने का तथा प्रत्येक सीएचसी में पर्याप्त संख्या में आवेदन पत्र उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने विधायक प्रतिनिधियों को भी अपने स्तर से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर बल दिया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने लाभुकों से आवेदन प्राप्त करने हेतु सभी अंचल अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए लाभुकों का आॅनलाइन जाति प्रमाण पत्र निर्गत कराने पर जोर दिया। बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त हेमंत सती, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद,परियोजना निदेशक आईटीडीए इंदु गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ.राजू कच्छप, जिला कल्याण पदाधिकारी अजय जेराल्ड मिंज, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सदर/ रायडीह/ घाघरा/ बिशुनपुर/ बसिया/ सिसई, विधायक प्रतिनिधि व अन्य उपस्थित थे।

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