यूक्रेन विवाद : रूस पर लगे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध के मुख्य घटनाक्रमों पर एक नजर

 

एबीएन डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा विवाद अब चरम पर पहुंच गया है भयंकर रूप लेता जा रहा है। दरअसल, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को पूर्वी यूक्रेन के डोनेत्स्क और लुगंस्क को अलग देश के रूप में मान्यता दे दी जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस बीच अमेरिका एक्शन में आ गया है और ब्रिटेन सहित कई देशों ने रूस पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी आज यूक्रेन मसले पर मीटिंग हुई। जापान ने की प्रतिबंधों की घोषणा : जापान के प्रधानमंत्री ने रूस तथा यूक्रेन के उन दो अलगाववादी क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिनकी स्वतंत्रता को रूस ने मान्यता दे दी। इसी के साथ वह रूस पर कूटनीतिक समाधान के रास्ते पर लौटने का दबाव बनाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल हो गए हैं। प्रधानमंत्री फुमियो कुशिदा ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार यूक्रेन में रूस द्वारा की जा रही कार्रवाई के जवाब में जापान में रूसी सरकार के बॉन्ड को जारी करने तथा इसके वितरण पर प्रतिबंध लगाएगी। उन्होंने कहा कि जापान यूक्रेन के दो अलगाववादी क्षेत्रों से जुड़े लोगों को वीजा जारी करने पर भी रोक लगाएगा, अपने यहां उनकी संपत्तियां जब्त करेगा तथा दो इलाकों के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगाएगा। किशिदा ने यूक्रेन की संप्रभुत्ता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने के लिए रूस की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, हम रूस से इस घटनाक्रम को हल करने के लिए कूटनीतिक प्रक्रिया पर लौटने का अनुरोध करते हैं। यूक्रेन पर बाइडेन और पुतिन के बीच बढ़ा गतिरोध : रूसी संसद द्वारा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को देश से बाहर सेना के प्रयोग की अनुमति देने के बाद मंगलवार को यूक्रेन के मुद्दे पर मॉस्को और पश्चिमी देशों के बीच गतिरोध बढ़ गया। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और यूरोपीय नेताओं ने इसके जवाब में रूस के बड़े व्यवसायियों और बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिए। बाइडन और पुतिन ने संकेत दिया है कि यह गतिरोध आगे और बढ़ सकता है। पुतिन, यूक्रेन पर डेढ़ लाख सैनिकों के साथ हमला करने को तैयार हैं और बाइडेन ने अभी तक रूस को आर्थिक रूप से अधिक नुकसान पहुंचाने वाले प्रतिबंध नहीं लगाए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर हमला होता है तो पाबंदियां लगाई जाएंगी। ऑस्ट्रेलिया ने पुतिन के शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों पर कसा शिकंजा : रूस के यूक्रेन पर अनुचित, अकारण, अस्वीकार्य आक्रमण के बाद ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों में से आठ पर प्रतिबंधों की घोषणा की। यूक्रेन के पूर्व में क्रेमलिन समर्थित स्टेटलेट्स में सैनिकों को आदेश देने के पुतिन के फैसले की आलोचना करते हुए, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने प्रतिबंधों की घोषणा की है। अभी पूर्ण सैन्य लामबंदी की जरूरत नहीं : यूक्रेन यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लादिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार रात घोषणा की कि रूस के आक्रमण करने की आशंका के चलते वह देश के कुछ आरक्षित सैनिकों को तैनाती के लिए बुला रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पूर्ण सैन्य लामबंदी की अभी कोई आवश्यकता नहीं है। राष्ट्रपति ने राष्ट्र को एक वीडियो के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि उनका आदेश केवल तथाकथित रिज़र्व सैनिकों पर लागू होता है, जो आम तौर पर संकट के समय सक्रिय हो जाते हैं और एक निश्चित समय के लिए सक्रिय रहते हैं। जेलेंस्की ने इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा, अभी पूर्ण सैन्य लामबंदी की जरूरत नहीं है। हमें यूक्रेन की सेना और अन्य सैन्य संरचनाओं में अतिरिक्त सैनिकों को शामिल करने की जरूरत है। यूक्रेन के सशस्त्र बलों में लगभग 250,000 सैनिक हैं और 140,000 सैनिकों को रिज़र्व (तैनाती के लिए तैयार) में रखा गया हैं।

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