एबीएन बिजनेस डेस्क। टाटा पावर ने भारत में अपतटीय पवन परियोजनाओं के संयुक्त विकास की संभावनाएं तलाशने के लिए जर्मनी की आरडब्ल्यूई रिन्यूएबल जीएमबीएच से करार किया है। इस बारे में टाटा पावर की 100 फीसदी हिस्सेदारी वाली सहायक कंपनी टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड ने आरडब्ल्यूई रिन्यूएबल जीएमबीएच से सहमति ज्ञापन (एमओयू) किया है। टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी देश की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनियों में शामिल है वहीं आरडब्ल्यू रिन्यूएबल जीएमबीएच अपतटीय पवन परियोजना क्षेत्र की अग्रणी कंपनी है। बयान में कहा गया है कि भारत एक ऐसा बाजार है जिसका पूरा उपयोग नहीं हुआ है। यह अपतटीय पवन परियोजनाओं के विकास के लिए एक आकर्षक बाजार है। भारत की तटरेखा 7,600 किलोमीटर है। सरकार ने 2030 तक 30,000 मेगावॉट की अपतटीय पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह एमओयू इस दृष्टि से काफी महत्त्वपूर्ण हो जाता है। टाटा पावर के मुख्य कार्याधिकारी प्रवीर सिन्हा ने कहा कि आरडब्ल्यूई हमारे लिए आदर्श भागीदार है। इसके जरिये टाटा पावर को अपने अपतटीय पवन कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। आरडब्ल्यूई के पास अपतटीय पवन परियोजनाओं के परिचालन की वैश्विक विशेषज्ञता है।
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