टीम एबीएन, रांची। भारतीय जनता पार्टी के हजारीबाग के सांसद व पूर्व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने हेमंत सरकार पर अयोग्यता का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड सरकार के स्वयं के बजट के अनुसार उनके पास वर्ष 2021-22 में खर्च करने के लिये लगभग 91,277 करोड़ की राशि है, जिसमें लगभग 39,942 करोड़ का योगदान केंद्र सरकार कर और ग्रांट के रूप में दे रही है। सिन्हा ने मंगलवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में केंद्र सरकार का योगदान 19.62 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं झारखंड सरकार के पास वर्ष 2020-21 में खर्च करने के लिये लगभग 90,007 करोड़ की राशि थी, जिसमें लगभग 33,389 करोड़ का योगदान केंद्र सरकार ने कर और ग्रांट के रूप में दिया। इसके अतिरिक्त झारखण्ड सरकार के पास वर्ष 2021 तक डीएमएफटी के अंतर्गत लगभग 7 हजार करोड़ की राशि थी। सिन्हा ने कहा कि इस वर्ष मोदी सरकार ने पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान की घोषणा की है। इसके अंतर्गत झारखण्ड को 50 साल के लिये लगभग 1 लाख करोड़ तक का ब्याज मुक्त ऋण विकास कार्यों के लिये मिल सकता है। यानी झारखण्ड सरकार के पास लाखों करोड़ों रुपए के अपार संसाधन हैं, लेकिन खर्च करने की सही नीयत नहीं है। इसलिए हम जनता की ओर से राज्य सरकार से पूछना चाहते हैं कि वो इन साधनों का क्या कर रही है?
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