एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने पाकिस्तान के साथ महीनों तक चली बातचीत के बाद अंतत: अटारी-वाघा सीमा के जरिए सड़क मार्ग से मानवीय सहायता के तहत 50 ट्रकों में 2500 मिट्रिक टन गेहूं की पहली खेप अफगानिस्तान के लिये रवाना की। 22 फरवरी को अमृतसर में एक समारोह में सड़क मार्ग से पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान के लिये मानवीय सहायता के तहत 50 ट्रकों में 2500 मिट्रिक टन गेहूं की पहली खेप रवाना की गई। इस समारोह में विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला के साथ अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मंमूदजई और विश्व खाद्य कार्यक्रम के कंट्री निदेशक बी पराजुली मौजूद थे। अफगानिस्तान को मानवीय सहायता के लिये संयुक्त राष्ट्र की अपील के मद्देनजर भारत सरकार ने अफगानिस्तान के लोगों को 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं तोहफे के रूप में देने का निर्णय किया था । इसमें कहा गया है कि इसकी आपूर्ति भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के माध्यम से होगी और इसे आईसीपी अटारी (भारत) द्वारा अफगानिस्तान के परिवहनकर्ताओं के जरिये जलालाबाद (अफगानिस्तान) पहुंचाया जायेगा। गौरतलब है कि भारत ने सड़क मार्ग से पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान को 50,000 टन गेंहू भेजने के लिए ट्रांजिट सुविधा का अनुरोध करते हुए सात अक्टूबर, 2021 को इस्लामाबाद को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर उसे 24 नवंबर, 2021 को जवाब मिला। पाकिस्तान से मिले जवाब के आधार पर दोनों पक्षों ने मिलकर परिवहन से जुड़ी सारी बातचीत तय की। गौरतलब है कि अपनी मानवीय सहायता के प्रयासों के तहत पिछले कुछ महीनों में भारत ने भारी मात्रा में जीवनरक्षक दवाओं सहित तमाम अन्य आवश्यक वस्तुएं अफगानिस्तान भेजी हैं। दवाओं की पिछली खेप पिछले शनिवार को ही पहुंची है, जो भारत से अफगानिस्तान भेजी जा रही सामग्री की पांचवीं खेप थी।
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