एबीएन डेस्क। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि देश के कई अन्य राज्यों की तरह पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के जंगलों में पर्यटकों के लिए शिविर लगाये जायेंगे, जिससे लोग साहसिक पर्यटन का भी आनंद उठा सकेंगे। सोरेन ने राज्य वन्यजीव बोर्ड की 14वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कई राज्य अपने जंगल और वन्यजीव को लेकर कार्य कर रहे हैं और जोर दिया कि वन विभाग उस मॉडल को झारखंड में अपनाए तथा बेहतर सुविधाएं प्रदान करे। उन्होंने कहा कि जंगलों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए कैंप लगाए जाएं ताकि अधिक से अधिक लोग आकर्षित हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के प्रावधानों के अनुपालन में पर्यावरण के अनुकूल विभिन्न उपयुक्त स्थानों पर शिविर लगाने का प्रावधान पर्यटन नीति के तहत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पलामू बाघ अभयारण्य, लावालौंग वन्यप्राणी अभयारण्य, गौतम बुद्ध वन्यप्राणी अभयारण्य समेत वनभूमि से होकर गुजरने वाली सड़कों के चौड़ीकरण और पुल निर्माण में आ रही अड़चनों को जल्द दूर करने का भी आदेश दिया। बैठक में बताया गया कि साहेबगंज में फॉसिल पार्क निर्माणाधीन है जिसका 95 प्रतिशत निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसके निर्माण के बाद पर्यटक सैकड़ों वर्ष पूर्व के जीवाश्म देख सकेंगे।
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